Bilkul Sateek News
Reporter: Pardeep Narula
Author: Pardeep Narula
गुरुग्राम, 26 फरवरी 2026।
वित्त वर्ष खत्म होने में सिर्फ एक महीना बचा है और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) ने अब ढिलाई के लिए कोई जगह नहीं छोड़ी है। प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह ने ऑपरेशनल रिव्यू कमेटी (ओआरसी) बैठकों के बाद साफ शब्दों में कह दिया है कि 31 मार्च 2026 तक सभी लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति हर हाल में सुनिश्चित की जाए।

सूत्रों के अनुसार, जिन सर्कलों में सुधार “दिखाई” नहीं देगा, वहां प्रशासनिक समीक्षा के साथ सख्त कार्रवाई भी संभव है।
समीक्षा में क्या सामने आया?
सिरसा, फतेहाबाद, फरीदाबाद और पलवल सर्कलों की समीक्षा के दौरान कई मानकों पर प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई। खासकर:
टी एंड डी और एटी एंड सी लॉस में अपेक्षित कमी नहीं
बकाया वसूली की रफ्तार धीमी
फीडरों की ट्रिपिंग और सैफी/सैदी में सुधार की जरूरत
बिलिंग शिकायतों का लंबित निस्तारण
बिजली चोरी रोकथाम लक्ष्य अधूरे
एमडी ने अधिकारियों को स्पष्ट संकेत दिया कि अब आंकड़ों की बजाय जमीनी नतीजे देखे जाएंगे।
डिफॉल्टरों पर कड़ा रुख
निगम ने मार्च 2025 की तुलना में मार्च 2026 तक कनेक्टेड और डिस्कनेक्टेड उपभोक्ताओं की बकाया राशि में कम से कम 10 प्रतिशत कमी अनिवार्य कर दी है।
सरकारी और निजी उपभोक्ताओं की श्रेणीवार समीक्षा होगी, जिसमें डीएस, एलटीएस, एचटीएस और कृषि कनेक्शन शामिल हैं।
निगम प्रबंधन का मानना है कि बकाया वसूली में ढिलाई से वित्तीय स्थिति के साथ सार्वजनिक छवि भी प्रभावित हुई है।
सोलर योजना पर विशेष नजर
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत नेट मीटरिंग प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
मीटरों की समयबद्ध खरीद और सभी आरटीएस मामलों की 100 प्रतिशत एंट्री सुनिश्चित कर बिलिंग अनिवार्य की गई है।
“परफॉर्म या फेस एक्शन” मोड में निगम
मुख्य अभियंता (वाणिज्य) ने निर्देशों को “अत्यंत आवश्यक” श्रेणी में जारी करते हुए सभी एसई, एक्सईएन और एसडीओ को अपने क्षेत्र में कड़ा प्रशासनिक नियंत्रण रखने को कहा है।
साफ संकेत है कि 31 मार्च के बाद प्रदर्शन रिपोर्ट ही आगे की कार्रवाई तय करेगी।
बड़ा सवाल
क्या एक महीने में डीएचबीवीएन अपने तकनीकी नुकसान, बकाया वसूली और फीडर प्रदर्शन में ठोस सुधार ला पाएगा?
अगले 30 दिन निगम के लिए निर्णायक साबित हो सकते हैं।




