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गुरुग्राम, 27 सितंबर। गुरुग्राम पुलिस ने सीआईए में तैनात एक हवलदार को गिरफ्तार कर लिया है। हवलदार के सिविल लाइन स्थित फ्लैट से पुलिस ने हथियार, कारतूस और गांजा बरामद किया था। हवलदार की बहू ने ही इसकी शिकायत पुलिस से की थी। फरीदाबाद की रहने वाली बहू की इसी साल मार्च में हवलदार के बेटे से शादी हुई थी। बहू ने ससुरालवालों पर दहेज प्रताड़ना का आरोप भी लगाया है।
मालूम हो कि पुलिस लाइन में दो प्रवेश द्वार हैं, एक महावीर चौक की तरफ तो दूसरा सेक्टर 15 की तरफ है। यहां दोनों गेट पर बैरिकेड फाटक और सिक्योरिटी गार्ड की तैनाती है। आने-जाने वालों की एंट्री दर्ज की जाती है। ऐसे में हवलदार के फ्लैट तक अवैध हथियार और गांजा कैसे पहुंचा, यह बड़ा सवाल है। पुलिस लाइन में सभी पुलिस कर्मियों के परिवार रहते हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरुग्राम पुलिस ने सरकारी क्वार्टर में गांजा और अवैध हथियार बरामद होने के मामले में आज हवलदार पोखर राम को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि सरकारी फ्लैट नंबर-105 से 1 किलो 700 ग्राम गांजा, पिस्तौलनुमा हथियार और 10 कारतूस मिले हैं। नशा और अवैध हथियार की सूचना किसी और ने नहीं बल्कि हवलदार की बहू मीनू ने ही पुलिस को दी थी। अब एफआईआर में एनडीपीएस व आर्म्स एक्ट के अलावा घरेलू हिंसा व गर्भपात कराने की धाराएं भी लगाई गई हैं। बहू ने सरकारी क्वार्टर में पुलिस बुला ली थी। उसका कहना है कि घर में साफ-सफाई के दौरान नशा व हथियार देखे थे। जब उसने ससुर से पूछा तो उसने सिर पर पिस्तौल तान दी और बोला-किसी को इस बारे में बताना नहीं। बहू का कहना है कि शादी के बाद से ही उसे प्रताड़ित किया जा रहा है। तंग आकर उसने पुलिस को सूचना दी।
सिविल लाइन थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार फरीदाबाद की रहने वाली मीनू की शादी इस साल 24 मार्च को हवलदार पोखर सिंह के बेटे रामजीलाल से हुई थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही उसे दहेज के लिए तंग किया जाने लगा। वह गर्भवती हुई तो पोखर सिंह के परिवार ने सिरसा में अपने पैतृक गांव ले जाकर उसका गर्भ गिरा दिया। कुछ दिन बाद वह फिर से गर्भवती हुई तो उसे फिर से गांव ले जाने लगे, लेकिन इस बार उसने मना कर दिया। जिस पर उसके साथ मारपीट की जाने लगी।
बहू ने बताया कि एक दिन वह घर की सफाई कर रही थी। उसे एक कट्टे में कुछ सामान दिखाई दिया। जब उसने देखा तो वह नशीला पदार्थ लगा। उसके ससुर रोज आकर इसमें से कुछ सामान ले जाते थे। ससुर से पूछा तो वह गुस्सा हो गया और बोला कि किसी को बताना मत, बताया तो जान से मार दूंगा। आरोप है कि उसने पिस्तौल उसके सिर पर रखकर डराया। जिससे वह डर गई। 25 सितंबर को भी उसके साथ मारपीट की गई। जिस पर उसने पुलिस को सारी बात बताई। मीनू का आरोप है कि उसका ससुर धमकी देता था कि वह पुलिस सीआईए में है। उसकी बड़े बड़े अधिकारियों से जान पहचान है, कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। पति भी ससुर का साथ देता था और उसके साथ मारपीट करता था।
पुलिस टीम घर पहुंची तो बहू ने खुद वो जगह दिखाई, जहां सामान रखा था। अलमारी में पिस्तौलनुमा हथियार व एक छोटी डिब्बी में कारतूस मिले। पुलिस ने बरामद सामग्री को जब्त कर लिया है और इसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। शिकायतकर्ता की तरफ से पुलिस की कार्रवाई का एक वीडियो भी शेयर किया गया है।
मीनू ने बताया कि बृहस्पतिवार को उसने रात 9.30 बजे पुलिस को बुलाया था। पुलिस अधिकारी ढीली कार्रवाई करते रहे। सुबह तक वह आरोपियों को पकड़ने का इंतजार करती रही, लेकिन उनको नहीं पकड़ा गया। सुबह 9.30 बजे उसे बताया गया कि एफआईआर दर्ज की गई है। इसके बाद वह पुलिस कमिश्नर ऑफिस गई और आरोपियों को पकड़ने की मांग की। वहां से आश्वासन दिया कि आप घर जाओ पुलिस कार्रवाई कर रही है। जब वो पुलिस लाइन पहुंची तो वहां पहले से पुलिस तैनात थी।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का कहना है कि प्रारंभिक जांच की गई। हवलदार पोखर राम से भी पूछताछ की गई। यह पता लगाने की कोशिश की गई कि क्या वह इस अवैध सामग्री से सीधे तौर पर जुड़े हैं या कोई और इस फ्लैट का दुरुपयोग कर रहा था। सिविल लाइन थाना एसएचओ कृष्ण का कहना है कि फ्लैट से बरामद कारतूस, पिस्तौल और नशीले पदार्थ को जांच के लिए लैब भेजा जाएगा। इस मामले में अभी पोखर राम की गिरफ्तारी हुई है। एफआईआर में पोखर राम के अलावा बेटे रामजीलाल, तीन बेटियों और सिरसा के गांव गोदीकान के हरि व उसकी पत्नी को नामजद किया गया है। बहू मीनू गिरफ्तारी की मांग को लेकर 12 घंटे थाने में बैठी रही।




