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गुरुग्राम, 6 दिसंबर। गुरुग्राम पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा-वन (ईओडब्ल्यूए-1) ने एक बड़े फर्जीवाड़ा प्रकरण में कार्रवाई करते हुए नेशनल स्टॉक एक्सचेंज से 20 हजार शेयर दिलाने के नाम पर फर्जी सेटलमेंट के माध्यम से ठगी करने वाले 1 आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
विवरणः 13.10.2025 को आर्थिक अपराध शाखा-वन गुरुग्राम द्वारा जांच के उपरांत एक शिकायत पुलिस थाना डीएलएफ सेक्टर-29 में प्राप्त हुई। जिसमें शिकायतकर्ता ने बताया कि वह आर9 वेल्थ इंडिया प्राइवेट व दिल्ली फिन इंवेस्टमेंट सॉल्यूशन फर्म का मालिक है। उसने कल्पतरू शेयर एंड स्टॉक ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से नेशनल स्टॉक एक्सचेंज से 20 हजार शेयर खरीदने की डील की थी, जिसके बदले उसने कल्पतरू शेयर एंड स्टॉक ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड को 17.06.2025 को 4 करोड़ 49 लाख रुपये दिए, परंतु कल्पतरू शेयर एंड स्टॉक ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड ने उसे या उसकी फर्म को न कोई शेयर दिया और ना ही उसके द्वारा दिए गए रुपये लौटाए। कल्पतरू शेयर एंड स्टॉक ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड ने उसको शेयर दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करके उससे 4 करोड़ 49 लाख की ठगी कर ली।
मामला दर्जः पुलिस थाना डीएलएफ सेक्टर-29 में अभियोग संख्या 594/2025 धारा 316(2), 318(4), 61(2) बीएसएन के तहत अभियोग अंकित किया गया तथा आर्थिक अपराध शाखा-वन पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
गिरफ्तारीः आर्थिक अपराध शाखा-वन की टीम ने पुलिस प्रणाली एवं पुलिस तकनीकी की सहायता के आधार पर इस मामले में कार्रवाई करते हुए 5 दिसंबर को दिल्ली एयरपोर्ट से आरोपी को गिरफ्तार किया। जिसकी पहचान रवि चौहान (उम्र-45 वर्ष, शिक्षा-10वीं) निवासी बांगर कॉम्पलेक्स शाहपुर बोरा जिला कोलकाता (पश्चिम बंगाल) के रूप में हुई।
पुलिस पूछताछः प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह मूल रूप से पश्चिम-बंगाल का निवासी है और वर्ष-2016 से कल्पतरू शेयर एंड स्टॉक ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड चला रहा है। जिसमें इसको काफी घाटा हो गया था, जिसकी भरपाई के लिए उसने शेयर दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी की और शेयर दिलाने के नाम पर शिकायतकर्ता से 4 करोड़ 49 लाख रुपये को ठगी करने की वारदात को अंजाम दिया।
आगामी कार्रवाईः पुलिस द्वारा आरोपी को न्यायालय में पेश करके पुलिस हिरासत रिमांड पर लिया जाएगा। पुलिस हिरासत रिमांड के दौरान आरोपी से गहनता से पूछताछ करते हुए उसके अन्य साथियों की पहचान, अन्य संभावित वारदातों, ठगी की गई राशि व संबंधित दस्तावेजों की बरामदगी की जाएगी। अभियोग का अनुसंधान जारी है।




