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गुरुग्राम, 8 सितंबर। साइबर ठगों ने गुरुग्राम के बिजनेसमैन को 2.47 लाख रुपये का चूना लगा दिया। ठगों ने बिजनेसमैन का एक आरटीओ का एक फर्जी मैसेज भेजा था। साइबर ठगों का वह लिंक ओपन भी नहीं हुआ था और बिजनेसमैन के खाते से रकम गायब हो गई। बिजनेसमैन ने इसकी शिकायत बैंक और पुलिस से की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सेक्टर-7 निवासी अंबरीश कुमार अग्रवाल ने साइबर थाना वेस्ट में अपनी शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में उन्होंने बताया है कि उन्हें उनके व्हाट्सऐप पर एक मैसेज प्राप्त हुआ, जिसमें दावा किया गया कि उनके वाहन का आरटीओ चालान जारी हुआ है। मैसेज में एक हाइपर लिंक दिया गया था, जिसे खोलने के लिए कहा गया था।
अग्रवाल ने कई बार उस लिंक को खोलने की कोशिश की, लेकिन लिंक काम नहीं कर रहा था। शुरू में अग्रवाल ने इसे सामान्य तकनीकी गड़बड़ी समझा, लेकिन रात में उसके बैंक अकाउंट से 4 अलग-अलग ट्रांजैक्शन हुई। इनमें 50-50 हजार रुपये की 3 और 97 हजार 486 रुपये की एक ट्रांजैक्शन शामिल थी। साइबर ठगों ने कुछ ही मिनट में अग्रवाल के बैंक अकाउंट से 2 लाख 47 हजार 486 रुपये उड़ा लिए।
अंबरीश ने सुबह बैंक और पुलिस से संपर्क किया। बैंक ने ट्रांजैक्शन की पुष्टि की, लेकिन तब तक पैसा उनके अकाउंट से निकाल लिया गया था। शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने किसी भी ऑनलाइन पेमेंट या लेन-देन की अनुमति नहीं दी थी, जिससे साफ जाहिर होता है कि यह साइबर ठगों का काम है।
साइबर क्राइम की टीम लिंक और मैसेज की डिटेल्स की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार यह मामला फिशिंग
(च्ीपेीपदह) और मैलवेयर अटैक का हो सकता है, जिसमें ठग फर्जी मैसेज के जरिए लोगों को लिंक पर क्लिक करने के लिए प्रेरित करते हैं। लिंक खुलने पर यूजर की निजी जानकारी या बैंक डिटेल्स चोरी हो जाती हैं, जिसका इस्तेमाल पैसा निकालने के लिए किया जाता है।
साइबर पुलिस कर रही जांच साइबर थाना वेस्ट के जांच अधिकारी ने बताया कि इस तरह के मामले में ट्रांजैक्शन की ट्रेसिंग के लिए बैंक के साथ-साथ टेलिकॉम कंपनियों से भी डेटा मांगा गया है। इसके अलावा मैसेज भेजने वाले नंबर और लिंक की जांच की जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे संदिग्ध लिंक या मैसेज पर क्लिक न करें और तुरंत साइबर हेल्पलाइन (1930) पर शिकायत दर्ज करें।




