Bilkul Sateek News
Reporter: Pardeep Narula
Author: Pardeep Narula
साइबर सिटी Gurugram के सेक्टर 32 में अपराध और सोशल मीडिया का ऐसा संगम देखने को मिला, जिसने जिम्मेदारी और लापरवाही के बीच की रेखा को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। यहां स्थित ‘डिस्कवरी वाइन’ शॉप पर तड़के सुबह हुई चोरी की वारदात में चोरों ने महज पांच मिनट के भीतर करीब 4 लाख 70 हजार रुपये पर हाथ साफ कर दिया। पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है।

जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 5 बजकर 52 मिनट पर दो नकाबपोश युवक कार से शराब के ठेके के बाहर पहुंचे। फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि दोनों बदमाश पूरी तैयारी के साथ आए थे। उन्होंने लोहे की रॉड की मदद से भारी-भरकम शटर को उखाड़ना शुरू किया और कुछ ही पलों में उसे तोड़कर अंदर प्रवेश कर गए। चोरों की फुर्ती और बेखौफ अंदाज यह दिखाता है कि उन्हें पकड़े जाने का जरा भी डर नहीं था।

सबसे चौंकाने वाला पहलू इस वारदात के दौरान सामने आया। पास ही स्थित एक होटल का कर्मचारी पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड करता नजर आया। वीडियो में वह यह कहते हुए सुनाई देता है कि “देखो भाई, ठेके में चोरी हो रही है।” लेकिन हैरानी की बात यह रही कि उसने पुलिस को सूचना देने या शोर मचाकर आसपास के लोगों को सतर्क करने की बजाय रील बनाने को प्राथमिकता दी। यदि उसी समय 112 पर कॉल कर पुलिस को जानकारी दे दी जाती, तो संभव है कि चोरों को रंगे हाथों पकड़ा जा सकता था।
डिस्कवरी वाइन शॉप के मैनेजर आदर्श कुमार ने बताया कि वारदात के समय दुकान के कर्मचारी अंदर ही सो रहे थे। चोरों ने उनकी गहरी नींद का फायदा उठाया। न तो कोई अलार्म बजा और न ही कर्मचारियों को शटर टूटने की आवाज सुनाई दी। जब तक उन्हें घटना का पता चला, तब तक आरोपी फरार हो चुके थे। कैश काउंटर से करीब 4.70 लाख रुपये चोरी किए गए हैं।
सीसीटीवी फुटेज में यह भी स्पष्ट है कि पूरी घटना बेहद योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दी गई। बदमाशों ने चेहरे ढक रखे थे और वारदात के तुरंत बाद कार में बैठकर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे अन्य सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके।
यह घटना केवल चोरी की नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़ा करती है। डिजिटल दौर में जहां हर घटना कुछ ही मिनटों में सोशल मीडिया पर पहुंच जाती है, वहीं जरूरत इस बात की है कि प्राथमिकता कानून और सुरक्षा को दी जाए। तकनीक का सही उपयोग अपराध रोकने में सहायक हो सकता है, लेकिन लापरवाही अपराधियों के हौसले बढ़ा सकती है। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है और जल्द गिरफ्तारी का दावा कर रही है।




