Bilkul Sateek News
Reporter: Pardeep Narula
Author: Pardeep Narula
गुरुग्राम, 7 मार्च 2026।
गुरुग्राम के सेक्टर-9बी स्थित Educrest International School में सीबीएसई की फर्जी मान्यता दिखाकर छात्रों से धोखाधड़ी करने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए स्कूल के चेयरमैन को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने 10वीं कक्षा के लिए फर्जी संबद्धता दिखाकर बच्चों का दाखिला लिया और उनसे अलग-अलग मदों में फीस वसूली। पुलिस के अनुसार, इस मामले में थाना सेक्टर-9ए गुरुग्राम में धोखाधड़ी, कूटरचना और आपराधिक षड्यंत्र से संबंधित भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 316(2) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया गया था।

शिकायत के बाद खुला फर्जीवाड़ा
18 फरवरी 2026 को एक अभिभावक ने पुलिस में शिकायत दी कि उसकी बेटी सेक्टर-9बी स्थित Educrest International School में 10वीं कक्षा की छात्रा है। स्कूल में दाखिले के समय प्रबंधन ने दावा किया था कि संस्थान CBSE से मान्यता प्राप्त है और इसके लिए प्रमाणपत्र व संबद्धता नंबर भी दिखाया गया था।
शिकायत के मुताबिक छात्रा से ट्यूशन फीस, बिल्डिंग फंड, परीक्षा शुल्क और कंप्यूटर फीस समेत कई मदों में पैसे लिए गए, लेकिन बोर्ड परीक्षा के समय उसे एडमिट कार्ड नहीं दिया गया। जांच करने पर पता चला कि स्कूल CBSE से संबद्ध ही नहीं है और जो रजिस्ट्रेशन नंबर बताया गया था वह भी गलत निकला।
स्कूल चेयरमैन गिरफ्तार
मामले की जांच के दौरान गुरुग्राम पुलिस की अपराध शाखा मानेसर की टीम ने 6 मार्च को बिलासपुर चौक से स्कूल के चेयरमैन विनीत कटारिया (38) को गिरफ्तार किया।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पिछले करीब 8 वर्षों से स्कूल चला रहा था। स्कूल को केवल 8वीं कक्षा तक की मान्यता प्राप्त थी, लेकिन अधिक पैसे कमाने के लालच में उसने 9वीं और 10वीं कक्षा के लिए भी फर्जी मान्यता दिखाकर करीब 25 छात्रों का दाखिला कर लिया।
इन लोगों पर भी आरोप
इस मामले में शिकायत में स्कूल से जुड़े कई लोगों को नामजद किया गया है, जिनमें रिद्धिमा कटारिया (प्रिंसिपल), सिमर बत्रा (वाइस प्रिंसिपल),सोनिया (कोऑर्डिनेटर) और अन्य स्टाफ सदस्य शामिल हैं।
आज अदालत में पेशी
पुलिस आरोपी विनीत कटारिया को 7 मार्च को अदालत में पेश करेगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और अन्य आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
पुलिस की अपील
गुरुग्राम पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि किसी भी स्कूल में बच्चों का दाखिला कराने से पहले उसकी मान्यता और संबद्धता की आधिकारिक जांच जरूर करें, ताकि इस तरह की धोखाधड़ी से बचा जा सके।




