Bilkul Sateek News
Reporter: Pardeep Narula
Author: Pardeep Narula
हरियाणा सरकार अब जेल सुरक्षा को लेकर कोई रिस्क लेने के मूड में नहीं है। नए वित्तीय साल से राज्य की सभी जिला जेलों में तैनात वार्डरों को बॉडी-वॉर्न कैमरों से लैस किया जाएगा। इसके लिए करीब 3000 कैमरे खरीदे जाएंगे और अप्रैल से टेंडर प्रक्रिया शुरू होने वाली है।

क्यों लिया गया ये फैसला?
पिछले कुछ सालों में कई जेलों से ऐसे मामले सामने आए, जहां अंदर बैठे अपराधी बाहर के नेटवर्क को ऑपरेट कर रहे थे।
गुरुग्राम, रोहतक, फरीदाबाद और अंबाला की जेलों में कैदियों और कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत के केस सामने आए थे।
खास बात ये रही कि: जेल के अंदर मोबाइल फोन और ड्रग्स पहुंचाए जा रहे थे और कुछ वार्डरों की संलिप्तता भी पकड़ी गई।भोंडसी जेल में तो एक साथ 20+ वार्डर सस्पेंड किए गए थे। अब सरकार टेक्नोलॉजी के जरिए इस खेल को खत्म करना चाहती है।
कैसे काम करेंगे ये कैमरे?
ये छोटे-छोटे कैमरे वार्डरों की यूनिफॉर्म (कंधे या छाती) पर लगाए जाएंगे।
जो भी वो देखेंगे, करेंगे या बातचीत होगी—सब रिकॉर्ड होगा। मतलब साफ है: “हर हरकत कैमरे में कैद”
बॉडी कैमरों की खास बातें
HD वीडियो और साफ ऑडियो रिकॉर्डिंग
वाइड एंगल लेंस—ज्यादा एरिया कवर
अंधेरे में भी रिकॉर्डिंग (इन्फ्रारेड सपोर्ट)
मजबूत डिजाइन—खराब मौसम में भी काम
8-10 घंटे की बैटरी लाइफ
डेटा सीधे सर्वर या सिस्टम में सुरक्षित स्टोर
क्या होगा फायदा?
जेल में पारदर्शिता बढ़ेगी। वार्डर और कैदियों दोनों पर नजर रहेगी। किसी भी घटना की जांच आसान होगी। कोर्ट में पुख्ता सबूत मिलेंगे। सरल भाषा में बोलें तो—अब जेल के अंदर “ब्लाइंड स्पॉट” कम होने वाले हैं।




