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गुरुग्राम, 28 दिसंबर। ठंड व शीतलहर से बचाव के लिए क्या करें और क्या न करें, इस संबंध में हरियाणा राज्य राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से एडवाइजरी जारी की गई है। बचाव संबंधी जानकारी देते हुए डीसी अजय कुमार ने लोगों से सचेत होकर शीतलहर आपदा से बचाव का आह्वान किया है।
डीसी अजय कुमार ने कहा कि शीत लहर के समय यथासंभव घर के अंदर ही रहे, ठंडी हवा से बचने के लिए कम से कम यात्रा करें। रेडियो व अन्य मीडिया से मौसम की जानकारी लेते रहें। बुजुर्ग और बच्चों की ठीक से देखभाल करें और ऐसे पड़ोसी जो अकेले रहते हैं विशेषकर बुजुर्ग लोगों का हालचाल पूछते रहें। साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि आपातकालीन आपूर्ति आसानी से उपलब्ध हो। एक परत वाले कपड़े की जगह ढीली फिटिंग वाले परतदार हल्के कपड़े, हवारोधी सूती का बाहरी आवरण तथा गर्म ऊनी भीतरी कपड़े पहने। शरीर की गर्मी बचाए रखने के लिए टोपी एवं जलरोधी जूतों का प्रयोग करें। सिर को ढंके क्योंकि सिर के ऊपरी सतह से शरीर की गर्मी की हानि होती है और अपने फेफड़ों की सुरक्षा के लिए अपना मुंह ढक कर रखें। गर्म तरल पदार्थ नियमित रूप से पिएं, इससे ठंड से लड़ने के लिए शरीर की गर्मी बनी रहेगी।
डीसी ने कहा कि शरीर में उष्मा के प्रवाह को बनाए रखने के लिए पोष्टिक आहार अवश्य लें एवं निर्जलीकरण से बचने के लिए शराब आदि का सेवन ना करें। शीतदंश होने पर चिकित्सक की सलाह ले जैसे संवेदनशून्यक सफेद अथवा पीले पड़े हाथ और पैरो की उंगलियां, कान की लौ और नाक की ऊपरी सतह इत्यादि।
हाइपोथर्मिया (शरीर का तापमान समान्य से कम) होने जैसे अनियंत्रित कांपना, बोलने में दिक्कत, अनिंद्रा, मांसपेशियों में अकड़न, सांस लेने में दिक्कत आदि होने पर चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।