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नूंह, 21 जनवरी। जिले की विशेष पॉक्सो अदालत ने वर्ष 2022 में एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को दोषी ठहराते हुए 10 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर कुल 33 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न चुकाने पर अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया गया है। यह फैसला डॉ. आशु संजीव तिंजन अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट के तहत फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट द्वारा सुनाया गया है।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार यह मामला मई 2022 का है, जब पीड़िता के पिता ने थाना नगीना में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि आरोपी फैसल उर्फ रफेदीन उर्फ लाला ने नाबालिग लड़की का अपहरण कर उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया और जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने आईपीसी की धाराओं 363, 366, 506 और पॉक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत मामला दर्ज किया। जांच के दौरान सबूत जुटाए गए और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। अदालत में करीब तीन साल तक चली सुनवाई के बाद 16 जनवरी 2026 को आरोपी को दोषी करार दिया गया। सजा के विवरण में विभिन्न धाराओं के तहत अलग-अलग अवधि की कैद और जुर्माने का उल्लेख है, लेकिन सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। दोषी को पॉक्सो एक्ट के तहत 10 साल की कैद सुनाई गई है, जबकि 25 हजार रुपये का जुर्माना भरने का आदेश जारी किया है। अदालत ने पहले से हिरासत में बिताए समय को सजा से समायोजित करने का आदेश दिया है। मामले में मजबूत सबूतों के आधार पर अभियोजन पक्ष ने अपनी दलीलें पेश की, जिससे दोषी साबित हुआ।



