गुरुग्राम, 16 फरवरी 2026।
जिला प्रशासन ने अवैध कॉलोनियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सोमवार को फरुखनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत ताजनगर और सुल्तानपुर गांवों की राजस्व भूमि में विकसित की जा रही तीन अनधिकृत कॉलोनियों को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई पुलिस बल की मौजूदगी में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि अवैध रूप से विकसित की जा रही कॉलोनियों के खिलाफ आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 16 फरवरी 2026 को चलाए गए विशेष अभियान के दौरान कुल तीन अवैध कॉलोनियों को निशाना बनाया गया। यह सभी कॉलोनियां बिना वैध अनुमति और नियमों का पालन किए विकसित की जा रही थीं। कार्रवाई के दौरान संबंधित विभागों की टीमों ने मौके पर पहुंचकर अवैध निर्माणों को हटाया और जमीन को मूल स्थिति में लाने की प्रक्रिया शुरू की।

पहली कार्रवाई गांव ताजनगर की राजस्व सीमा में लगभग 4 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जा रही एक अवैध कॉलोनी पर की गई। यहां 11 डीपीसी (प्लिंथ लेवल निर्माण) और अवैध रूप से बनाई गई बाउंड्री वॉल को तोड़ा गया। इसके साथ ही कॉलोनी में बनाई गई पूरी कच्ची सड़क नेटवर्क को भी जेसीबी मशीनों की मदद से उखाड़ दिया गया, ताकि भविष्य में दोबारा प्लॉटिंग या निर्माण कार्य शुरू न किया जा सके।

दूसरी कार्रवाई भी गांव ताजनगर में ही लगभग 4 एकड़ क्षेत्र में फैली एक अन्य अवैध कॉलोनी पर की गई। इस स्थान पर 20 डीपीसी और बाउंड्री वॉल को ध्वस्त किया गया। इसके अलावा 8 निर्माणाधीन ढांचों को भी गिराया गया। प्रशासन ने यहां भी पूरी कच्ची सड़क व्यवस्था को उखाड़कर समतल कर दिया, जिससे कॉलोनी का ढांचा पूरी तरह समाप्त हो गया।
तीसरी कार्रवाई गांव सुल्तानपुर की राजस्व सीमा में करीब 2.5 एकड़ क्षेत्र में की गई। यहां 2 पक्के ढांचों और एक निर्माणाधीन संरचना को तोड़ा गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह निर्माण भी बिना किसी वैध स्वीकृति के किए जा रहे थे, जो नियमानुसार अवैध हैं।
कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा। पूरे अभियान को शांतिपूर्वक अंजाम दिया गया और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि अवैध कॉलोनियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी प्लॉट या संपत्ति की खरीद से पहले उसकी वैधता की जांच अवश्य करें।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अवैध प्लॉटिंग और निर्माण कार्य में शामिल लोगों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। साथ ही यह भी कहा गया है कि अवैध कॉलोनियों में निवेश करने वाले लोग स्वयं भी आर्थिक नुकसान के जिम्मेदार होंगे।
जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को अवैध अतिक्रमण और अनियमित शहरीकरण पर लगाम लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



