नहीं रुकेगी विकास की रफ्तार: डॉ. वंदना पोपली
रेवाड़ी 09 फरवरी।
रेवाड़ी: आने वाले नगर परिषद चुनावों के मद्देनजर फिलहाल नगर परिषद रेवाड़ी की कमान प्रशासन के हाथों में है। नगर परिषद कार्यकारिणी का कार्यकाल 17 जनवरी 2026 को समाप्त हो चुका है। शहर मे विकास कार्यों की गति बने रहें इसीलिए जनता की समस्याओं के समाधान को लेकर भाजपा जिला अध्यक्ष डॉ. वंदना पोपली ने आज उपायुक्त रेवाड़ी अभिषेक मीणा से विशेष मुलाकात की और शहर के विभिन्न जन हितैषी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने जनता की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए प्रशासनिक अधिकारियों के साथ उनके शीघ्र समाधान के लिए चर्चा की।

गढ़ी बोलनी रोड, झज्जर रोड और नारनौल रोड पर बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों के विषय मे विस्तृत चर्चा हुई। जिला अध्यक्ष ने इन मार्गों पर अंधेरे के कारण होने वाली परेशानियों से अवगत कराया और लाइटें सुचारू करने की मांग की। इस पर डीसी ने जानकारी दी कि इस विषय में संबंधित अधिकारी को पत्र लिखा जा चुका है और जल्द ही इस समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। इसके साथ ही, जिस प्रकार से शहर में अधिकतर नई सड़कों का निर्माण हो चुका है परंतु पुरानी जिन सड़कों पर गड्डे है उन की मरम्मत की व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात भी रखी गई। डीसी ने आश्वासन दिया कि नगर परिषद क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सभी स्ट्रीट लाइट्स व्यवस्थित रूप से काम कर रहे हैं लेकिन अगर कहीं पर भी कोई कमी है तो उसको दूर किया जाएगा।
शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर चर्चा करते हुए बताया गया कि ‘डोर-टू-डोर’ कूड़ा कलेक्शन और रिसाइकलिंग के लिए 5 साल का टेंडर हो चुका है, जिससे आने वाले समय में सफाई व्यवस्था काफी सुचारू रहेगी।
विकास कार्यों का ब्यौरा देते हुए जिला अध्यक्ष ने बताया कि शहर की सीवर लाइन के लिए 150 करोड़ रुपये का बजट पास हो चुका है।जलभराव की समस्या से निपटने के लिए ‘स्टॉर्म वॉटर’ प्रोजेक्ट पास हो गया है। RDSS योजना के तहत पुरानी बिजली की तारों को बदलकर ऊंचे पोल लगाए गए हैं, जिससे बिजली आपूर्ति में सुधार होगा।
जिला अध्यक्ष ने आवारा पशुओं और नागरिकों की सुरक्षा पर चिंता जताई और उन्होंने हाल ही में रेवाड़ी में घटी दुखद घटना का भी जिक्र किया जिसमें गाय के हमले के कारण एक महिला की दुःखद मृत्यु हो गई थी। डीसी ने आश्वासन दिया कि प्रशासन इस पर सख्ती से काम करेगा और आवारा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे इससे पहले भी इस पर कड़ाई से काम हो चुका है।



