STF हरियाणा ने संगठित अपराध के विरुद्ध अपनी सख्त कार्रवाई को जारी रखते हुए कुख्यात गैंगस्टर सोमबीर उर्फ मोट्टा (आयु 39 वर्ष), पुत्र रामनिवास, निवासी ग्राम करौर, सांपला, जिला रोहतक को दिनांक 10 फरवरी 2026 को संयुक्त राज्य अमेरिका से सफलतापूर्वक प्रत्यर्पित करवाया है। वर्ष 2025 से अब तक एसटीएफ हरियाणा द्वारा किया गया यह 10वां बड़ा प्रत्यर्पण है तथा अमेरिका से तीसरा प्रमुख प्रत्यर्पण है। इससे पूर्व 25 अक्टूबर 2025 को लखविंदर लखा (लॉरेंस बिश्नोई गैंग) और 07 जनवरी 2026 को अमन भैंसवाल को प्रत्यर्पित किया जा चुका है।

सोमबीर उर्फ मोट्टा कुख्यात अपराधी अनिल छिप्पी का भाई है तथा उसके लॉरेंस बिश्नोई और काला जठेड़ी गैंग से संबंध रहे हैं। वह हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, डकैती, लूट तथा आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज 26 संगीन आपराधिक मामलों में वांछित था। उसका आपराधिक क्षेत्र रोहतक, सोनीपत, झज्जर, बहादुरगढ़, गुरुग्राम, दिल्ली और राजस्थान तक फैला हुआ था। वर्ष 2014 में गुरुग्राम की भोंडसी जेल में मैनपाल बदली गैंग के सदस्य की हत्या में भी उसकी संलिप्तता पाई गई थी। बताया जाता है कि उसने व्यक्तिगत रंजिश के कारण अपराध की दुनिया में कदम रखा।

जांच में सामने आया कि आरोपी ने दिनांक 03 जनवरी 2024 को धोखाधड़ी से प्राप्त पासपोर्ट संख्या B7803644 के माध्यम से मुंबई एयरपोर्ट से बैंकॉक के लिए भारत छोड़ा था। यह पासपोर्ट फर्जी पते के आधार पर गाजियाबाद से बनवाया गया था। इस संबंध में एफआईआर संख्या 159/2024 दिनांक 27-05-2024, धारा 420 आईपीसी एवं 12C पासपोर्ट एक्ट के तहत थाना आई.एम.टी. रोहतक में मामला दर्ज किया गया। एसटीएफ के अनुरोध पर आरपीओ गाजियाबाद द्वारा 14 अगस्त 2024 को उक्त पासपोर्ट निरस्त कर दिया गया।
आरोपी के विरुद्ध लुक आउट सर्कुलर (LOC) संख्या 2024425526 जारी किया गया था तथा इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस (RCN) कंट्रोल संख्या A-2048/2-2025 भी जारी किया गया। उसे 31 मई 2024 को एफआईआर संख्या 197/2009, थाना सांपला, जिला रोहतक में घोषित अपराधी घोषित किया गया था। साथ ही 13 अगस्त 2025 को ओपन डेटेड गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया गया।
सोमबीर मोट्टा के विरुद्ध वर्ष 2009 से 2024 के बीच हत्या, हत्या का प्रयास, रंगदारी, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट तथा धोखाधड़ी से जुड़े कुल 26 मामले दर्ज हैं। उसका सफल प्रत्यर्पण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के बीच प्रभावी समन्वय और कानूनी प्रक्रिया का परिणाम है।
एसटीएफ हरियाणा द्वारा की गई यह कार्रवाई संगठित एवं हिंसक अपराधों में संलिप्त भगोड़ों को कानून के दायरे में लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। एसटीएफ हरियाणा अपराधी नेटवर्क को ध्वस्त करने और जन-सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।



