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चंडीगढ़, 8 नवंबर। हरियाणा सरकार के राजस्व विभाग ने स्पष्ट किया है कि राज्यभर में सभी रजिस्ट्री कार्यालय पूरी तरह क्रियाशील हैं और पेपरलेस रजिस्ट्री प्रणाली सुचारू रूप से कार्य कर रही है। किसी भी स्थान पर रजिस्ट्री सेवाएं निलंबित नहीं की गई हैं।
कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने बताया कि राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा के साथ चर्चा कर ये जानकारी प्राप्त हुई कि कुछ समाचार माध्यमों में प्रसारित भ्रामक रिपोर्ट असत्य हैं यह नई प्रणाली नागरिकों को तेज, पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से लागू की गई है।
प्रणाली लागू होने के बाद से अब तक 2,778 आवेदन प्राप्त हुए हैं जिनमें से 927 रजिस्ट्री पूर्ण 495 आवेदनों की तिथि निर्धारित तथा 327 आवेदन अपूर्ण दस्तावेजों के कारण अस्वीकृत किए गए हैं। शेष आवेदन पांच कार्य दिवसों की समयावधि में पूर्ण किए जा रहे हैं।
विभाग ने नागरिकों की सुविधा हेतु अनेक सुधार किए हैं जो इस प्रकार है…
डुप्लीकेट भूमि डा टा को संशोधित किया गया है।
हाउसिंग बोर्ड एवं HSVP क्षेत्रों में अब प्रापर्टी आईडी से रजिस्ट्री होगी।
लाइसेंसशुदा कॉलोनियों का डेटा शहरी स्थानीय निकाय से जोड़ा गया है।
साझेदारी विलेख की करैक्टर सीमा 10,000 तथा डॉक्यूमेंट अपलोड लिमिट 40 MB कर दी गई है।
12 नवम्बर से आपत्ति के साथ जवाबदेह सुविधा शुरू होगी, जिससे नागरिक त्रुटियां सुधारकर दस्तावेज पुनः अपलोड कर सकेंगे बिना अतिरिक्त शुल्क के,
पेपरलेस रजिस्ट्री प्रणाली हरियाणा सरकार की डिजिटल गवर्नेंस और पारदर्शिता की दिशा में एक बड़ा कदम है। विभाग निरंतर सुधार और नागरिक हित में प्रतिबद्ध है।
हरियाणा सरकार की प्राथमिकता जनसुविधा,पारदर्शिता और सुशासन है हमारा संकल्प है कि हर नागरिक को संपत्ति से जुड़े कार्यों में डिजिटल माध्यम से सरल, त्वरित और निष्पक्ष सेवा मिले।




