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Reporter: Pardeep Narula
Author: Pardeep Narula
नई दिल्ली, 20 जनवरी।
राजधानी के भारत मंडपम में आयोजित India AI Impact Summit and Expo 2026 में इस वर्ष बिहार पवेलियन निवेशकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा। अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन में बिहार सरकार ने राज्य की AI आधारित नीतियों, डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और स्टार्टअप इकोसिस्टम को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। देश-विदेश से आए निवेशकों ने बिहार के उभरते टेक सेक्टर में गहरी रुचि दिखाई।

बिहार सरकार के अधिकारियों ने बताया कि राज्य में तेजी से विकसित हो रहे डेटा सेंटर, कुशल मानव संसाधन और कम लागत वाले संचालन ढांचे के कारण टेक कंपनियों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हो रहा है। सिंगल विंडो क्लीयरेंस और नीति आधारित प्रोत्साहनों के जरिए निवेश प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है।
केंद्रीय राज्य मंत्री का दौरा
केंद्रीय राज्य मंत्री, जल शक्ति मंत्रालय Raj Bhushan Choudhary ने बिहार पवेलियन का दौरा कर विभिन्न स्टार्टअप्स और टेक कंपनियों के प्रतिनिधियों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि बिहार अब पारंपरिक विकास मॉडल से आगे बढ़कर टेक्नोलॉजी आधारित विकास की दिशा में अग्रसर है। उनके अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से जल प्रबंधन, कृषि उत्पादकता और शहरी सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि बिहार एक सुरक्षित और संभावनाओं से भरा राज्य है।

निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी
समिट के दौरान कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने बिहार में AI आधारित प्रोजेक्ट्स स्थापित करने में रुचि दिखाई। विशेष रूप से एग्री-टेक, हेल्थ-टेक, स्मार्ट वाटर मैनेजमेंट और एजुकेशन टेक्नोलॉजी सेक्टर में संभावनाएं तलाश की जा रही हैं।
Tiger Analytics के CEO एवं फाउंडर Mahesh Kumar ने कहा कि उनकी कंपनी बिहार में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने को लेकर सकारात्मक है। उनका मानना है कि इंडस्ट्री-ओरिएंटेड ट्रेनिंग के माध्यम से छात्रों को AI और डेटा एनालिटिक्स में वैश्विक स्तर की स्किल दी जा सकती है, जिससे राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।
वहीं, बिहार सरकार के उत्पाद विभाग के सचिव Ajay Yadav ने कहा कि राज्य का तेजी से बढ़ता स्टार्टअप इकोसिस्टम और युवाओं की बड़ी आबादी टेक सेक्टर के लिए मजबूत आधार तैयार कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं में AI के उपयोग से पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी।
ऊर्जा विभाग के CMD Manoj Kumar Singh ने कहा कि नई तकनीकों में निवेश से बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन संभव है। स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रमों और तकनीकी संस्थानों के सहयोग से स्थानीय युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित किया जा रहा है।
बिहार पवेलियन की सक्रिय भागीदारी ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि राज्य टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के माध्यम से आर्थिक बदलाव की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। समिट में मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया ने यह भरोसा मजबूत किया है कि आने वाले वर्षों में AI के क्षेत्र में बिहार राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।




