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Reporter: Pardeep Narula
Author: Pardeep Narula
गुरुग्राम, 20 फरवरी। शहर की सफाई व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में नगर निगम गुरुग्राम ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। निगम ने निर्णय लिया है कि अब प्रत्येक जोन में सेनिटेशन मॉनिटरिंग सेल (एसएमसी) का गठन किया जाएगा। यह सेल जोन स्तर पर सफाई कार्यों की प्रतिदिन निगरानी करेगा और फील्ड में जिम्मेदारी तय करेगा।

यह निर्णय शुक्रवार को आयोजित सेनिटेशन रिव्यू मीटिंग में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने की। बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सफाई व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।
संयुक्त आयुक्त होंगे एसएमसी के प्रभारी
प्रत्येक जोन में गठित होने वाले सेनिटेशन मॉनिटरिंग सेल का नेतृत्व संबंधित जोन के संयुक्त आयुक्त करेंगे। वे अपने-अपने क्षेत्र में सफाई व्यवस्था की निगरानी, निरीक्षण और रिपोर्टिंग के लिए सीधे जिम्मेदार होंगे। निगम प्रशासन का मानना है कि जोन स्तर पर निगरानी तंत्र मजबूत होने से समस्याओं की पहचान तेजी से होगी और समाधान भी समय पर हो सकेगा।
रैपिड सर्वे से होगी जमीनी हकीकत की जांच
निगमायुक्त ने बताया कि एसएमसी अपने-अपने जोन में रैपिड सर्वे करेगा, जिससे क्षेत्र की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके। इस सर्वे के माध्यम से सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति, कार्यप्रणाली और उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों की गुणवत्ता की जांच होगी।
इसके साथ ही क्षेत्र में तैनात सफाई वाहनों की मूवमेंट और नियमितता की भी मॉनिटरिंग की जाएगी। सहायक सफाई निरीक्षकों (एएसआई) के कार्यों की समीक्षा भी की जाएगी ताकि फील्ड स्तर पर जवाबदेही तय हो और कार्य में सुधार सुनिश्चित हो सके।
गार्बेज वर्नेबल पॉइंट्स पर विशेष फोकस
शहर में मौजूद गार्बेज वर्नेबल पॉइंट्स (जीवीपी) से समय पर कचरा उठान सुनिश्चित कराना भी एसएमसी की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी। निगमायुक्त ने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्थान पर कचरे का ढेर लंबे समय तक नहीं रहना चाहिए, क्योंकि इससे न केवल शहर की छवि प्रभावित होती है बल्कि नागरिकों के स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
सेल यह भी सुनिश्चित करेगा कि प्रत्येक क्षेत्र में सफाई कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार हो और नागरिकों को स्वच्छ वातावरण मिल सके। नियमित निरीक्षण और रिपोर्टिंग के माध्यम से व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने का प्रयास किया जाएगा।
शिकायतों के समयबद्ध समाधान पर जोर
सेनिटेशन मॉनिटरिंग सेल नागरिकों से प्राप्त शिकायतों के त्वरित और समयबद्ध समाधान की निगरानी भी करेगा। इसके अतिरिक्त, कचरा फैलाने, अवैध डंपिंग और स्वच्छता नियमों के उल्लंघन पर चालानिंग कार्रवाई की भी समीक्षा की जाएगी।
निगम प्रशासन का मानना है कि शिकायत निवारण तंत्र मजबूत होने से नागरिकों का भरोसा बढ़ेगा और सफाई व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी।
“स्वच्छ गुरुग्राम के लिए जवाबदेही जरूरी”
निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि शहर को स्वच्छ और स्वस्थ बनाए रखने के लिए फील्ड स्तर पर प्रभावी मॉनिटरिंग और स्पष्ट जवाबदेही अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एसएमसी की कार्यप्रणाली को तुरंत प्रभाव से लागू किया जाए और प्रतिदिन प्रगति रिपोर्ट सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि जोन स्तर पर इस पहल से सफाई व्यवस्था में ठोस सुधार आएगा, नियमित समीक्षा संभव होगी और नागरिकों को बेहतर सेवाएं प्राप्त होंगी। नगर निगम का उद्देश्य है कि गुरुग्राम को स्वच्छता के मामले में एक आदर्श शहर के रूप में स्थापित किया जाए।
इस नई व्यवस्था के साथ नगर निगम ने संकेत दे दिया है कि अब सफाई व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जमीन पर दिखाई भी देगी।




