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फरीदाबाद (अजय वर्मा), 31 जनवरी। सूरजकुंड मेले की मुख्य चौपाल पर कार्यक्रम के दौरान उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने अंग्रेजी में अपना संबोधन देते हुए कहा कि आज इंटरनेशनल सूरजकुंड मेले में आकर उन्हें बेहद खुशी हो रही है। उन्होंने कहा कि मुझे पता चला है कि यह मेला 1987 में शुरू हुआ था, जो हस्तशिल्पियों को मंच प्रदान करता है।
वहीं, उन्होंने कहा कि इस मेले की थीम स्टेट उत्तर प्रदेश और मेघालय रखी गई है और वह जानते हैं कि उत्तरप्रदेश और मेघालय का क्राफ्ट बहुत ही बेहतरीन किस्म का होता है और यहां की सांस्कृतिक विरासत बहुत महान है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि इस बार, मेले में 50 से अधिक देश भी शिरकत कर रहे हैं और मेले में लोकल टू ग्लोबल का जो नारा दिया गया है। वह बिल्कुल यहां सार्थक दिखाई दे रहा है। साथ ही उन्होंने मेले में भागीदारी करने आए हस्तशिल्पियों को शुभकामना दी।
हरियाणा के मुख्यमंत्री ने इस मौके पर उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन का स्वागत करते हुए उनका आभार व्यक्त किया और उन्हें शंख भेंट किया। वहीं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सूरजकुंड मेले के बारे में विस्तार से बताया और जहां शिरकत करने आए देसी और विदेशी शिल्पकारों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि इस बार मेले का थीम लोकल तो ग्लोबल रखा गया है, जो इस बार मेले में आने वालों को दिखाई देगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि विश्व प्रसिद्ध सूरजकुंड मेला हरियाणा की शान है और लोग इस मेले का बेसब्री से इंतजार करते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले साल से यहां दिवाली मेला भी लगाया गया था इस तरह साल में यहां तो मेले लगने लगे हैं।



