गुरुग्राम, 11 फरवरी। शहर की सड़कों, खाली प्लॉटों, नालों और झीलों के किनारे अब कूड़ा फेंकना महंगा साबित होगा। राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) के 26 जुलाई 2024 के आदेश के अनुपालन में नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी) ने सार्वजनिक स्थानों पर ठोस कचरा फेंकने के खिलाफ सख्त निगरानी और जुर्माना प्रणाली लागू कर दी है। निगम प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर अब सीधे आर्थिक दंड लगाया जाएगा।

एनजीटी ने अपने आदेश में हरियाणा राज्य में सार्वजनिक स्थानों पर ठोस कचरा फेंकने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए थे। न्यायाधिकरण ने माना था कि अनियंत्रित कूड़ा फेंकना पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा है। इससे वायु और जल प्रदूषण बढ़ता है, जल स्रोत प्रभावित होते हैं और नागरिकों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ता है। इसे स्वच्छ वातावरण के मौलिक अधिकार का उल्लंघन भी माना गया। इसी पृष्ठभूमि में नगर निगम ने प्रवर्तन अभियान को तेज कर दिया है।
कितना लगेगा जुर्माना
नगर निगम द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले बल्क वेस्ट जनरेटर, संस्थान या एजेंसियों पर पहली बार उल्लंघन करने पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। दोबारा उल्लंघन की स्थिति में यह राशि बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दी जाएगी।
वहीं सामान्य नागरिकों या नॉन-बल्क कचरा फेंकने वालों पर पहली बार पकड़े जाने पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। दूसरी बार उल्लंघन करने पर 10,000 रुपये का दंड निर्धारित किया गया है। अधिकृत अधिकारी मौके पर ही यह जुर्माना लगाने के लिए अधिकृत किए गए हैं।
किन अधिकारियों को मिली शक्तियां
नगर निगम ने अतिरिक्त आयुक्त, संयुक्त आयुक्त, उप-नगर निगम आयुक्त, कार्यकारी अभियंता, सहायक अभियंता, वरिष्ठ स्वच्छता निरीक्षक, कनिष्ठ अभियंता, स्वच्छता निरीक्षक और सहायक स्वच्छता निरीक्षक को यह अधिकार दिया है कि वे नियमों के उल्लंघन की स्थिति में पर्यावरण क्षति के लिए जुर्माना लगा सकें। निगम का कहना है कि नियमित निगरानी की जाएगी और शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई होगी।
जुर्माना नहीं भरा तो होगी सख्त वसूली
यदि कोई व्यक्ति, संस्था या व्यावसायिक प्रतिष्ठान जुर्माना भरने से बचता है, तो संबंधित राशि को भूमि राजस्व बकाया की तरह वसूला जाएगा। यानी कानूनी प्रक्रिया के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। वसूली गई राशि को शहर में ठोस कचरा प्रबंधन, कचरा प्रसंस्करण सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और स्वच्छता व्यवस्था सुधार पर खर्च किया जाएगा।
नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया ने नागरिकों, संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से अपील की है कि वे कूड़ा निर्धारित स्थानों पर ही डालें और डोर-टू-डोर कलेक्शन सेवा का उपयोग करें। उन्होंने कहा कि शहर को स्वच्छ और स्वस्थ बनाए रखना सामूहिक जिम्मेदारी है। अब नियमों की अनदेखी सीधे जेब पर असर डालेगी।
नगर निगम का यह कदम साफ संकेत है कि गुरुग्राम में अब सार्वजनिक स्थानों को कूड़ाघर बनाने की प्रवृत्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



