Bilkul Sateek News
Reporter: Sonu Rana
Author: Sonu Rana
नई दिल्ली।
उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के शालीमार बाग थाना इलाके में दिल्ली पुलिस की विदेशी शाखा ने दो बांग्लादेशी महिलाओं को घरेलू सहायिका बनकर अवैध रूप से दिल्ली में बसने के प्रयास करते हुए गिरफ्तार कर लिया है। महिलाओं की पहचान बांग्लादेश के नराइल जिले की अफरोजा खातून व लुकी बेगम के रूप में हुई है। दोनों महिलाएं बिना किसी वैध दस्तावेज के भारत में रह रही थीं। उनके पास से प्रतिबंधित आईएमओ एप्लिकेशन इंस्टॉल वाले दो स्मार्टफोन और बांग्लादेशी राष्ट्रीय पहचान दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि अवैध प्रवासियों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत विदेशी शाखा की टीम को जानकारी मिली कि कुछ बांग्लादेशी महिलाएं शालीमार बाग इलाके में घरेलू सहायिका के रूप में काम करने के लिए गुप्त रूप से आ रही हैं। इसके बाद टीम ने शालीमार बाग इलाके में निगरानी बढ़ा दी।
मुखबिर के इशारे पर हैदरपुर क्षेत्र की ओर जाते हुए दो महिलाओं को रोका गया। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों महिलाओं ने खुद को भारतीय नागरिक बताने का प्रयास किया और कहा कि वे कोठियों में घरेलू सहायिका के रूप में काम कर रही हैं। लेकिन टीम को उन पर शक हुआ। जांच के दौरान पता लगा कि दोनों बांग्लादेशी नागरिक हैं।
पूछताछ में पता लगा कि एक महिला स्नातक है। वह पैसे कमाने के लालच में दिल्ली आई थी, जबकि दूसरी महिला पढ़ी लिखी नहीं है। दोनों अवैध रूप से भारत में रह रही थीं।
उनके पास से दो मोबाइल बरामद किए गए हैं। मोबाइल में प्रतिबंधित आईएमओ एप इंस्टॉल है। पुलिस ने दोनों महिलाओं को एफआरआरओ के सामने पेश किया और डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।




