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गुरुग्राम, 28 सितंबर। गुरुग्राम में पार्ट टाइम जॉब का झांसा देकर 3 लोगों से लगभग 7 लाख की ठगी की गई। साइबर ठगों ने इनसे ट्रेंडिंग के नाम पर निवेश कराया था। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 319 के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इन मामलों में ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग, फर्जी पार्ट-टाइम जॉब और बैंक कर्मचारी बनकर ठगी की गई है।
पहला मामला उदय सिंह कुशवाहा से जुड़ा है, जिन्हें अगस्त 2025 के पहले सप्ताह में फायर्स सिक्योरिटी ग्रुप नामक व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ा गया। खुद को स्टॉक ट्रेडिंग गाइड बताने वाली सुधा भूषण नामक महिला ने उन्हें ओटीसी स्टॉक में निवेश के लिए उकसाया। उदय सिंह कुशवाहा ने आन्वया हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड (यस बैंक), श्री बालाजी प्रॉपर्टी (इंडसइंड बैंक) और वॉट्सऐप यूपीआई के माध्यम से कुल ₹3,81,106 जमा किए, लेकिन उन्हें न तो लाभांश मिला और न ही पूंजी वापस मिली।
दूसरा मामला सूरत नगर फेस-2 निवासी पुष्पा शर्मा का है, जिन्हें इंस्टाग्राम पर पार्ट-टाइम जॉब का विज्ञापन देखकर ठगा गया। उन्हें व्हाट्सऐप और टेलीग्राम ग्रुप में जोड़कर 30 अगस्त से 1 सितंबर के बीच विभिन्न खातों में कुल ₹3,10,000 ट्रांसफर करवाए गए। इन खातों में बैंक ऑफ बड़ौदा, केरल ग्रामीण बैंक (तीन खाते), कोटक महिंद्रा बैंक और यूको बैंक शामिल हैं। काम पूरा होने के बाद उन्हें ग्रुप से हटा दिया गया।
तीसरा मामला सेक्टर-82 स्थित वटीका सेवन लैम्प्स निवासी प्रियांशी गुप्ता के साथ हुआ। 25 अगस्त को उन्हें मोबाइल नंबर 9211710557 से एक कॉल आई। कॉलर ने खुद को एचडीएफसी बैंक का कर्मचारी बताकर क्रेडिट कार्ड पर ‘वेलकम बोनस’ दिलाने का लालच दिया। कार्ड विवरण और ओटीपी लेने के बाद तीन बार में कुल ₹86,311 की ऑनलाइन लेनदेन कर ली गई।
साइबर अपराध के बढ़ते मामलों को देखते हुए साइबर सेल ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनजान कॉल, वॉट्सऐप ग्रुप और सोशल मीडिया विज्ञापनों के जरिए निवेश या नौकरी के झांसे में न आएं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दें।




