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गुरुग्राम, 14 अक्टूबर। गुरुग्राम पुलिस ने दिल्ली में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश करते हुए दो महिलाओं समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी नकली बैंक कर्मचारी व अधिकारी बनकर बाते करके व्हाट्सऐप के माध्यम से लिंक भेजकर रुपये ट्रांसफर करके लोगों के साथ ठगी करते थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल 8 मोबाइल, 4 सिम कार्ड और 2 डायरियां बरामद की हैं।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस थाना साइबर अपराध पश्चिम को इस संदर्भ में 16 जुलाई को एक शिकायत मिली थी। जिसमें शिकायतकर्ता ने बताया था कि उसके साथ फोन कॉल पर फर्जी बैंक कर्मचारी बनकर क्रेडिट कार्ड में मासिक चार्ज रिडीम करने की बात कहकर एक फर्जी लिंक के माध्यम से फोन का एक्सेस लेकर और क्रेडिट कार्ड की डिटेल्स भरवाकर रुपये ट्रांसफर करके ठगी की गई है।
थाना साइबर अपराध पश्चिम प्रभारी संदीप कुमार की टीम ने इस मामले में कल दिल्ली में अक्षरधाम में बने फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारा और 2 महिलाओं समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान ज्ञानेंद्र (उम्र 36 वर्ष) व अमर उर्फ बंटा (उम्र-26 वर्ष) दोनों निवासी उत्तम नगर दिल्ली, अमन (उम्र-24 वर्ष, शिक्षा 7वीं) निवासी राजा पार्क मोहन गार्डन, 4. अमिता (उम्र-26 वर्ष) निवासी सी ब्लॉक उत्तम दिल्ली और यासना (उम्र-26 वर्ष) नन्हे पार्क उत्तम नगर दिल्ली के रूप में हुई।
पुलिस पूछताछ व अनुसंधान के दौरान अमर उर्फ बंटा शर्मा ने बताया कि उसका गारमेंट्स का बिजनेस था, जिसमें काफी नुकसान हो गया था। उसी दौरान उसकी मुलाकात एक व्यक्ति से हुई जो क्रेडिट कार्ड रिचार्ज और अन्य फ्रॉड किया करता था। जिसके बाद वह उस व्यक्ति के साथ कॉलिंग का काम करने लगा और जून में उसने यह काम (साइबर फ्रॉड) खुद करने की योजना बनाई। उसने इस फ्रॉड के काम में ज्ञानेंद्र को भी अपना पार्टनर बनाया। इसके बाद दोनों ने लोगों को कॉल करने के लिए यासना व अमिता को नौकरी पर रखा और किराए पर एक फर्जी कॉल सेंटर खोला। यासना और अमिता लोगों के पास कॉल करती और उनको क्रेडिट कार्ड रिचार्ज व रिडीम करने के लिए कहती और उनको विश्वास में लेकर व्हाट्सऐप पर लिंक भेजती और उनके फोन का एक्सेस लेकर और ओटीपी लेकर क्रेडिट कार्ड से रुपये ट्रांसफर कर लेती थी। जिसके बदले यासना और अमिता को 25 हजार रुपये वेतन मिलता था। अमर शर्मा ने बताया कि डाटा और लिंक उनका एक अन्य साथी उपलब्ध कराता था। आरोपियों ने शिकायतकर्ता के पास कॉल करके विश्वास में लेकर उसके क्रेडिट कार्ड की डिटेल्स लेकर, फोन एक्सेक्स करके उसके साथ साइबर फ्रॉड किया था। इस मामले में ठगी गई राशि में से उनके एक साथी ने रुपये निकालकर अमर को 1 लाख 50 हजार रुपये दिए थे। अमर शर्मा ने इसमें से यासना व अमिता को 10-10 हजार रुपये दिए थे और ज्ञानेंद्र को 30 हजार रुपये देकर बाकी 1 लाख रुपये अपने पास रख लिए थे।
पुलिस द्वारा आरोपियों (अमर, अमन व ज्ञानेंद्र) को आज अदालत में पेश करके 2 दिन का पुलिस हिरासत रिमांड लिया गया। अभियोग में नियमानुसार आगामी कार्यवाही की जा रही है। अभियोग का अनुसंधान जारी है।



