Bilkul Sateek News
गुरुग्राम, 29 नवंबर। गुरुग्राम पुलिस ने विदेशों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर मानव तस्करी करने और अवैध तरीके से विदेश भेजकर साइबर ठगी करने के मामले में 1 आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी अपने अन्य साथियों के माध्यम से चाइना मूल के लोगों के साथ मिलकर साइबर ठगी करने की वारदातों को अंजाम देने में संलिप्त था। आरोपी देश के युवाओं को विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर विदेश ले जाकर जबरन साइबर ठगी करवाते थे। जिसके बदले आरोपी को भारी-भरकम कमीशन मिलता था। आरोपी हरियाणा (जींद) से 2 युवाओं को विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर मानव तस्करी व साइबर ठगी करने की वारदातों को अंजाम दे चुका था। गुरुग्राम पुलिस 20 युवाओं को विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर मानव तस्करी करने के अलग-अलग 3 मामलों में कुल 5 आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसा पुलिस थाना साइबर अपराध पश्चिम ने 24 नवंबर को अभियोग संख्या 424 धारा 143(2), 318(4), 61 बीएसएन अंकित किया था। इस अभियोग में शिकायतकर्ता द्वारा बताया गया कि विदेश (थाईलैंड) में नौकरी दिलाने को झांसा देकर उसे थाईलैंड भेजकर फिर वहां से डंकी रूट से म्यांमार ले जाकर साइबर ठगी का कार्य करने और उसके द्वारा जब ठगी का कार्य करने के लिए मना किया गया तो उसे जान से मारने की धमकी देकर भारत वापस भेजने के नाम पर रुपये की डिमांड की गई। बाद में म्यामांर सेना द्वारा अक्टूबर 2025 में म्यांमार सेना द्वारा उसे उनके चंगुल से आजाद कराया और थाईलैंड से उसे भारत डिपोर्ट किया गया।
थाना साइबर अपराध पश्चिम प्रभारी संदीप कुमार की टीम ने इस मामले में 1 आरोपी को 27 नवंबर को सेक्टर-37 गुरुग्राम से गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान प्रवीण (उम्र-26 वर्ष, 10वीं पास) निवासी दया बस्ती, जींद (हरियाणा) के रूप में हुई।
पुलिस पूछताछ में पता चला कि प्रवीण नवंबर 2024 में थाईलैंड गया था, जहां इसकी मुलाकात साइबर ठगी करने वाले विभिन्न देशों (पाकिस्तान, भारत व चीन) से हुई। इसके बाद वह दिसंबर में भारत आ गया, परंतु वह भारत में आने के बाद भी थाईलैंड में मिले विभिन्न देशों के साइबर ठगों के संपर्क में था। प्रवीण उनके संपर्क में रहते हुए उनके कहे अनुसार अवैध तरीके के काम व ठगी करने के लिए युवाओं को भरने लगा। जिसके बदले उसे कमीशन के तौर पर प्रत्येक व्यक्ति के 50 हजार रुपये मिलते थे। वह टेलीग्राम व इंस्टाग्राम के माध्यम से देश में युवाओं से संपर्क करता। इसके बाद वह उनको थाईलैंड में नौकरी दिलाने का झांसा देकर उन्हें अपने विश्वास में ले लेता। फिर थाईलैंड में रह रहे अपने अन्य साथियों की सहायता से उन्हें अवैध तरीके से थाईलैंड से म्यांमार भेज देता, फिर वहां ले जाकर चाइना मूल के लोगों द्वारा संचालित साइबर ठगी के काम में उनको झोंक देता। जब कोई उसका विरोध करता तो वे उन्हें मारने की धमकी देते तथा वापस भेजने के लिए मोटी रकम वसूलता। उपरोक्त अभियोग में भी आरोपी के साथियों ने पीड़ित को भारत वापस भेजने के बदले 4700 डॉलर की डिमांड की थी।
पुलिस अनुसंधान और अन्य आरोपियों से की गई पुलिस पूछताछ में यह भी ज्ञात हुआ कि वे मानव तस्करी करने, नौकरी का झांसा देकर साइबर ठगी के लिए युवाओं को विदेश भेजने तथा विदेश ले जाकर उन्हें किसी अन्य देश ले जाकर उन्हें जान से मारने की धमकी देकर अवैध कार्य कराने की वारदातों को अंजाम देते थे और इसके बदले वे अपने अन्य साथियों के माध्यम से चाइना मूल के ठगों से मोटा कमीशन प्राप्त करते थे। ये अब तक जींद हरियाणा से 2 युवाओं को इसी तरीके से नौकरी का झांसा देकर विदेश भेजने की वारदातों को अंजाम दे चुका हैं।
आरोपी के अपराधिक रिकॉर्ड के अवलोकन से ज्ञात हुआ कि उसके खिलाफ वीजा दिलाने के नाम पर रुपये ठगने के संबंध में जींद जिले में पहले भी एक मामला दर्ज है।
पुलिस द्वारा आरोपी को कल अदालत में पेश करके 2 दिन के पुलिस हिरासत रिमांड पर लिया गया है। पुलिस हिरासत रिमांड के दौरान आरोपी से अन्य वारदातों व साथी आरोपियों के बारे में गहनता से पूछताछ की जा रही है, पुलिस पूछताछ में जो भी तथ्य समक्ष आएंगे उनके अनुसार अभियोग में नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी। अभियोग का अनुसंधान जारी है।



