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गुरुग्राम, 9 जनवरी। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना (पीएमएसजीएमबीवाई) के प्रभावी, समयबद्ध और परिणामोन्मुखी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) ने मुख्यालय तथा फील्ड स्तर पर विशेष मॉनिटरिंग कमेटियों का गठन किया है। यह निर्णय ऊर्जा मंत्री, हरियाणा के निर्देशों की अनुपालना में लिया गया है।
प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह के आदेशानुसार मुख्यालय स्तर पर योजना की केंद्रीकृत निगरानी, नीतिगत समन्वय एवं उच्चस्तरीय रिपोर्टिंग के लिए मुख्य अभियंता (वाणिज्यिक) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। उनके साथ अधीक्षण अभियंता (वाणिज्यिक) को प्रथम वैकल्पिक नोडल अधिकारी, कार्यकारी अभियंता (वाणिज्यिक) को द्वितीय वैकल्पिक नोडल अधिकारी तथा उप-मंडल अधिकारी (वाणिज्यिक) को मुख्यालय पर दैनिक निगरानी एवं समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह टीम सभी सर्किलों, मंडलों एवं उप-मंडलों में योजना की प्रगति की नियमित समीक्षा करेगी।
डीएचबीवीएन प्रवक्ता ने बताया कि फील्ड स्तर पर योजना के जमीनी क्रियान्वयन, उपभोक्ता सुविधा एवं वास्तविक समय की निगरानी के लिए अधीक्षण अभियंता (ऑपरेशन) को फील्ड लेवल नोडल अधिकारी तथा कार्यकारी अभियंता (ऑपरेशन) को वैकल्पिक नोडल अधिकारी नामित किया गया है। फील्ड टीम को डिवीजन, सब-डिवीजन एवं वेंडर-वार प्रगति पर नजर रखने, समयसीमा व गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित करने तथा कमीशनिंग के तुरंत बाद आरटीएस बिलिंग शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही पात्र अंत्योदय परिवारों को सब्सिडी के शीघ्र वितरण पर भी विशेष जोर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि फील्ड अधिकारी जिला प्रशासन एवं पंचायती राज संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित कर सूचना, शिक्षा एवं संचार गतिविधियों को सशक्त बनाएं। इसके तहत गांव स्तर पर जागरूकता शिविर, बैठकें एवं संयुक्त प्रचार गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, ताकि अधिक से अधिक उपभोक्ता, विशेषकर अंत्योदय परिवार, योजना का लाभ उठा सकें।
योजना की प्रगति की नियमित समीक्षा मुख्यालय एवं फील्ड स्तर पर की जाएगी और किसी भी प्रकार की देरी या नीतिगत एवं वित्तीय समस्या को तुरंत उच्च स्तर पर अवगत कराया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, अपने-अपने क्षेत्रों में मुख्य अभियंता (ऑपरेशन) व्यक्तिगत रूप से योजना के क्रियान्वयन की निगरानी करेंगे और जोन स्तर पर समीक्षा बैठकें आयोजित करेंगे।
निगम प्रबंधन ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि योजना का क्रियान्वयन ऊर्जा मंत्री के निर्देशों के अनुरूप पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ सुनिश्चित किया जाए।



