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Reporter: Pardeep Narula
Author: Pardeep Narula
₹755 करोड़ की लागत से बनेगा 4.2 किमी एलिवेटेड कॉरिडोर, वाटिका चौक से NH-48 तक सफर होगा सिग्नल-फ्री
गुरुग्राम में ट्रैफिक की समस्या को कम करने के लिए जीएमडीए (गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण) ने एक बड़ी सड़क परियोजना का टेंडर जारी किया है। इस योजना के तहत वाटिका चौक से NH-48 तक सदर्न पेरिफेरल रोड (SPR) पर करीब 4.2 किलोमीटर लंबा सिग्नल-फ्री एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब ₹755 करोड़ रखी गई है।

इस एलिवेटेड कॉरिडोर के बनने से द्वारका एक्सप्रेसवे, NH-48 और गुरुग्राम-सोहना एलिवेटेड रोड के बीच कनेक्टिविटी और बेहतर हो जाएगी। साथ ही इस रूट पर लगने वाले ट्रैफिक जाम में भी काफी कमी आने की उम्मीद है।
परियोजना के तहत 4+4 लेन का एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा। इसके साथ ही नीचे की सड़क पर 3+3 लेन की मुख्य सर्विस रोड और 2+2 लेन की सेकेंडरी सर्विस लेन भी रहेंगी, ताकि लोकल ट्रैफिक आसानी से चल सके। बड़े चौराहों पर गाड़ियों के आने-जाने के लिए दो लेन के रैंप भी बनाए जाएंगे।
इसके अलावा NH-48 पर एक इंटरचेंज भी बनाया जाएगा, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग से सीधा और आसान कनेक्शन मिल सके।
परियोजना के दूसरे चरण में वाटिका चौक पर भी इंटरचेंज बनाने की योजना है, जिससे SPR और गुरुग्राम-सोहना एलिवेटेड कॉरिडोर के बीच कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।
अभी की स्थिति में द्वारका एक्सप्रेसवे या दक्षिण गुरुग्राम की तरफ से सोहना या फरीदाबाद जाने वाले लोगों को राजीव चौक या सुभाष चौक से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे काफी ट्रैफिक हो जाता है। नया कॉरिडोर बनने के बाद लोगों को एक सीधा रास्ता मिलेगा और सफर का समय भी कम होगा।
जीएमडीए के सीईओ पी.सी. मीणा के अनुसार, गुरुग्राम तेजी से बढ़ रहा है और बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए बेहतर सड़क ढांचे की जरूरत है। यह परियोजना शहर के कई सेक्टरों और तेजी से विकसित हो रहे इलाकों के लिए फायदेमंद साबित होगी।
परियोजना का काम शुरू होने के बाद इसे करीब 30 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा है।




