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गुरुग्राम, 8 नवंबर। डीसी अजय कुमार ने कहा कि वायु प्रदूषण नियंत्रण केवल एक सरकारी औपचारिकता नहीं, बल्कि यह जनस्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण का सामूहिक प्रयास है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए हर विभाग अपनी जिम्मेदारी पूर्ण निष्ठा से निभाए। डीसी अजय कुमार ने यह निर्देश शुक्रवार की शाम को सीएक्यूएम के चेयरमैन राजेश वर्मा तथा मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंस बैठक के उपरांत जिला अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में दिए।
वीडियो कॉन्फ्रेंस में ‘ग्रेप’ की पाबंदियों और उनके प्रभावी अनुपालन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। जिसके बाद डीसी ने जिले में प्रदूषण की स्थिति की समीक्षा करते हुए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए।
डीसी अजय कुमार ने कहा कि ‘ग्रेप-2’ के सभी नियमों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए। निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के लिए ग्रीन नेट, डस्ट कंट्रोल इक्विपमेंट्स और पानी के छिड़काव की व्यवस्था नियमित रूप से की जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि 500 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्र में चल रहे सभी निर्माण कार्यों को ऑनलाइन डस्ट पोर्टल पर पंजीकृत किया जाए, ताकि निगरानी प्रभावी तरीके से की जा सके। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के कूड़े या अपशिष्ट पदार्थ के जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा और ऐसे मामलों में संबंधित विभाग तुरंत कार्रवाई करें।
डीसी ने परिवहन विभाग को निर्देश दिए कि बाहरी राज्यों से आने वाली डीजल बसों और भारी वाहनों की जांच सघन रूप से की जाए तथा नियम उल्लंघन करने वालों के चालान किए जाएं। नगर निगम गुरुग्राम और मानेसर को मुख्य सड़कों व ग्रीन बेल्ट क्षेत्रों में नियमित रूप से पानी का छिड़काव कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही एंटी-स्मॉग गन और वॉटर स्प्रिंकलर्स के उपयोग को बढ़ाने पर बल दिया गया। उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड औद्योगिक इकाइयों की निगरानी लगातार करे और उत्सर्जन मानकों का पालन न करने वाली इकाइयों पर सख्त कार्रवाई की जाए। डीसी ने सभी विभागों से समन्वयित कार्रवाई की अपेक्षा करते हुए कहा कि वायु प्रदूषण नियंत्रण एक सतत प्रक्रिया है, जिसमें प्रत्येक स्तर पर अनुशासन और जिम्मेदारी जरूरी है।
डीसी अजय कुमार ने यह भी कहा कि प्रशासनिक प्रयास तभी सफल होंगे जब नागरिक भी इस मुहिम का हिस्सा बनेंगे। उन्होंने नागरिकों से अनुरोध किया कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें ताकि सभी के सम्मिलित प्रयासों से पर्यावरण की गुणवत्ता सुधारी जा सके।
बैठक में एडीसी वत्सल वशिष्ठ, एसडीएम एवं आरटीए परमजीत चहल, रीजनल ऑफिसर (पीसीबी) कृष्ण कुमार, डिप्टी डायरेक्टर कृषि डॉ. अनिल तंवर, मोटर व्हीकल ऑफिसर हरेंद्र वीर और एसडीओ पीसीबी विशाल भी उपस्थित थे।




