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गुरुग्राम, 30 जनवरी। डीसी अजय कुमार ने शुक्रवार को हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर परियोजना के अंतर्गत भूमि हस्तांतरण, संरचनाओं के मुआवजा भुगतान एवं लंबित प्रकरणों को लेकर एचएसआईआईडीसी, हरियाणा रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचआरआईडीसी), पीडब्ल्यूडी तथा जिला राजस्व अधिकारियों के साथ एक संयुक्त समीक्षा बैठक की। बैठक में फखरपुर, फाजिलवास, कुकड़ोला एवं मोकलवास गांवों में परियोजना हेतु अधिग्रहित भूमि, प्रभावित संरचनाओं के मूल्यांकन, अवार्ड घोषणा तथा मुआवजा भुगतान की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।
डीसी अजय कुमार ने निर्देश दिए कि जिन संरचनाओं का अभी तक अवार्ड घोषित नहीं हुआ है, उनकी प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। जिन संरचनाओं का मूल्यांकन पीडब्ल्यूडी द्वारा किया जा चुका है, उनकी रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत की जाए, ताकि अवार्ड जारी किया जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन लाभार्थियों का मुआवजा किसी भी कारणवश लंबित है, उसे प्राथमिकता के आधार पर त्वरित गति से निपटाया जाए, ताकि किसी भी स्तर पर परियोजना कार्य बाधित न हो।
डीसी अजय कुमार ने एचएसआईआईडीसी एवं एचआरआईडीसी के अधिकारियों की एक संयुक्त टीम गठित करने के निर्देश दिए, जो संबंधित भूमि पर संयुक्त रूप से निरीक्षण कर एचएसआईआईडीसी से एचओआरसी परियोजना हेतु हस्तांतरित की जाने वाली भूमि को चिन्हित करेगी तथा मौके पर उसकी स्पष्ट मार्किंग सुनिश्चित करेगी।
बैठक में भूमि से संबंधित लंबित न्यायालयीन मामलों पर भी चर्चा की गई। डीसी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि ऐसे मामलों की मजबूती से पैरवी की जाए तथा कानूनी प्रक्रियाओं में तेजी लाकर उन्हें समाधान की दिशा में आगे बढ़ाया जाए, ताकि परियोजना समय पर पूरी की जा सके।
डीसी अजय कुमार ने कहा कि हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर एक महत्वपूर्ण आधारभूत परियोजना है, जो क्षेत्र के औद्योगिक विकास एवं आवागमन को नई दिशा देगी। उन्होंने अधिकारियों से आपसी समन्वय के साथ सभी लंबित मुद्दों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में एचआरआईडीसी में चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर राजीव रंजन कुमार, डीजीएम नवीन कुमार, सिविल एक्जीक्यूटिव विनीत गुम्बर, जिला राजस्व अधिकारी विजय यादव सहित एचएसआईआईडीसी, एचआरआईडीसी के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।



