
Bilkul Sateek News
गुरुग्राम, 31 अगस्त। हमारी संस्कृति में प्रकृति को जीवन का आधार माना गया है, यदि प्रकृति न रही तो धरती पर जीवन भी नहीं बचेगा। इस विषय पर ध्यान आकर्षित करते हुए मानेसर स्थित श्री राम मंदिर के आसपास अरावली के वन संरक्षित क्षेत्र में समाज के हर वर्ग से परिवार सहित लगभग पांच सौ लोगों ने अपने नागरिक कर्त्तव्य को समझते हुए हवन यज्ञ के पश्चात् पौधरोपण, साफ-सफाई और उनके देखभाल (पोषण) के अनूठे कार्यक्रम को सफल बनाया। इस कार्यक्रम में वृक्षों को बचाने के लिए माता अमृता देवी बिश्नोई, उनकी तीन बेटियों एवं अन्य 363 बिश्नोईयों के बलिदान को स्मरण करते हुए पर्यावरण संरक्षण गतिविधि द्वारा प्रकृति को समर्पित ‘प्रकृति वंदन’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में हवन यज्ञ के साथ-साथ पर्यावरण विषय एवं माता अमृता देवी के जीवन पर आधारित पर नुक्कड़ नाटक और गीत की प्रस्तुति भी दी गई।
कार्यक्रम के आयोजकों ने बताया कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ अपने सौ वर्ष की यात्रा पूरी कर समाज को नई दिशा देने के उद्देश्य से ‘पंच परिवर्तन’ के लक्ष्य पर प्रतिबद्ध है। संघ के कार्यकर्ता अपने राष्ट्र को विश्वगुरु बनाने हेतु समाज के मानस परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए पंच परिवर्तन के विषय पर काम कर रहे हैं। ये पंच परिवर्तन भारतीय समाज को अगले कुछ वर्षों में दिशा देने वाले हैं। जिसका सार इस तरह है…
पर्यावरण संरक्षणः पृथ्वी को माता मानकर पर्यावरण संरक्षण हेतु जीवनशैली में बदलाव।
सामाजिक समरसताः समाज के विभिन्न वर्गों के बीच सौहार्द और प्रेम बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित।
कुटुंब प्रबोधनः परिवार को राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली इकाई के रूप में संवर्धित करना।
स्वदेशी और आत्मनिर्भरताः देश की स्वदेशी अर्थव्यवस्था और आत्मनिर्भरता पर जोर।
नागरिक कर्तव्यः प्रत्येक नागरिक का सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन और राष्ट्रहित में योगदान।
आज के इस कार्यक्रम में पंच परिवर्तन के प्रत्येक विषय को ध्यान में रखते हुए समाज के अन्य कई सामाजिक संगठन, धार्मिक संस्थाएं, शिक्षण संस्थाएं, समाज का हर वर्ग, हर आयु के लोगों ने स्थानीय ग्रामीणों के साथ मिलकर इस वन क्षेत्र में आने वाले 4-5 साल में 5 लाख से अधिक पौधों को रोपने और उनकी देखभाल का संकल्प लिया। इसी कड़ी में इस वर्ष अब तक लगभग 5 हजार पौधे रोपे जा चुके हैं और 1 लाख पौधे और रोेपने का लक्ष्य रखा गया है।