जीवन रक्षक प्रशिक्षण का सिलसिला लगातार रहेगा जारी
Bilkul Sateek News
गुरुग्राम, 13 सितंबर। विश्व प्राथमिक चिकित्सा दिवस के अवसर पर फोर्टिस हेल्थकेयर हॉस्पिटल मानेसर ने सिविल डिफेंस गुरुग्राम के लिए एक विशेष जीवन रक्षक एवं प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यशाला का उद्देश्य “हर हाथ बने मददगार” की सोच को साकार करना था। सिविल डिफेंस की डिप्टी कंट्रोलर सृष्टि तथा फोर्टिस हॉस्पिटल के फैसिलिटी डायरेक्टर अभिजीत सिंह ने अपनी टीमों के साथ इस अवसर पर शिरकत की।

प्रशिक्षण में सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों को सिखाया गया कि सीपीआर से थमी सांसों में फिर से जीवन फूंका जा सकता है। चोकिंग की स्थिति में हेल्मलिच तकनीक तुरंत राहत देती है। ब्लीडिंग, फ्रैक्चर या बर्न इंजरी जैसी आपात स्थितियों में कुछ मिनटों की प्राथमिक मदद जीवन बचा सकती है।
यह प्रशिक्षण डॉ. अतीश गर्ग, आपातकालीन सेवाओं के प्रभारी, द्वारा दिया गया। उन्होंने कहा कि सामान्य चिकित्सीय जानकारी न होने के कारण बहुत बार लोग घायल अथवा बीमार व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने से पहले ही स्थिति को गंभीर बना देते हैं। इसीलिए यह जानना और समझना ज़रूरी है कि आपातकाल में क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए।
यह कार्यशाला केवल तकनीकी प्रशिक्षण नहीं थी, बल्कि एक संदेश भी थी- “हर नागरिक बने लाइफ-सेवर।”
इसका संदेश था, “फर्स्ट एड सीखो, जान बचाओ – यही असली सेवा, यही सच्चा राष्ट्र-धर्म।”
कार्यक्रम में फोर्टिस हेल्थकेयर की ओर से देवेंद्र एवं देसराज उपस्थित रहे। वहीं सिविल डिफेंस की ओर से मोहित शर्मा (चीफ वार्डन), जेपी शर्मा (डिप्टी चीफ वार्डन), बिजेंद्र (डिविजन वार्डन) और संगीता दास (डिविजन वार्डन) समेत अन्य स्वयंसेवक भी शामिल थे।
फोर्टिस हेल्थकेयर ने जिला प्रशासन को आश्वस्त किया कि भविष्य में भी सिविल डिफेंस गुरुग्राम की टीम के लिए ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाते रहेंगे।




