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गुरुग्राम, 2 अक्टूबर। नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया ने बुधवार को कहा कि शहर में सीवरेज और ड्रेनेज सफाई और मरम्मत संबंधी कार्य 31 दिसंबर तक हर हाल में शुरू करा दिए जाएं और इन्हें अप्रैल 2026 तक पूर्ण किया जाए, ताकि आगामी मानसून से पहले शहर को जलभराव की समस्या से निजात मिल सके।
निगमायुक्त प्रदीप दहिया सोमवार को अधिकारियों के साथ आयोजित सीवरेज प्रबंधन सेल की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने सीवरेज से प्रभावित चिन्हित 40 क्षेत्रों की विस्तृत जानकारी ली और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी स्थानों पर स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सरस्वती एन्कलेव, खांडसा, बसई, नाहरपुर रूपा, इंदिरा कॉलोनी, नरसिंहपुर, मोहम्मदपुर झाड़सा, बेगमपुर खटोला, मैदावास, नूरपुर मोड़, बादशाहपुर, न्यू कॉलोनी, देवीलाल कॉलोनी, भवानी एन्कलेव, झाड़सा, इस्लामपुर, शिवाजी नगर, लक्ष्मी गार्डन, सेक्टर-40, राजीव कॉलोनी, सेक्टर-31, घाटा, बंधवाड़ी, बहरामपुर, चकरपुर, कन्हैयी, राजेंद्रा पार्क, सूरतनगर, टेकचंद नगर, जैकबपूरा समेत अन्य क्षेत्रों में प्राथमिकता के साथ कार्य किया जाए। बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि कई इलाकों में डिसिल्टिंग (गाद सफाई) का कार्य पहले से चल रहा है, वहीं बाकी क्षेत्रों में कार्य 31 दिसंबर से पहले शुरू करवा दिया जाएगा। राजेंद्रा पार्क, सूरत नगर व टेकचंद नगर में सीवरेज समस्या के समाधान के बारे में बताया गया कि इंटरनल लाइनों की सफाई का कार्य चल रहा है। इसके साथ ही जहाजगढ़ एसटीपी तक नई लाइन डालने का टेंडर अलॉट कर दिया गया है और अगले सप्ताह से कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसके अलावा, धनवापुर एसटीपी तक 900 एमएम लाइन डालने का प्रस्ताव वित्त एवं संविदा कमेटी द्वारा मंजूर कर लिया गया है, अब टेंडर प्रक्रिया की जा रही है। क्षेत्र में सक्शन टैंकरों के माध्यम से जल निकासी निरंतर की जा रही है।
आयुक्त ने बैठक के दौरान चीफ इंजीनियर की अध्यक्षता में एक कमेटी के गठन की भी घोषणा की। यह कमेटी उन स्थानों की पहचान करेगी, जहां पर सीवरेज का पानी क्रीक्स या अन्य जल स्रोतों में जा रहा है। यदि ऐसा पाया जाता है, तो न केवल विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी बल्कि स्थायी समाधान भी सुनिश्चित कराया जाएगा।
समीक्षा बैठक में आयुक्त ने जनसंवाद एवं समाधान शिविरों की भी समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि नागरिक शिकायतों का समाधान पूरी गंभीरता और तत्परता से किया जाए। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण कार्य होना चाहिए ताकि समस्याएं दोबारा न उठें। साथ ही अधिकारियों को प्रतिदिन शिकायत पोर्टल अवश्य चेक करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में अतिरिक्त निगमायुक्त यश जालुका, चीफ इंजीनियर विजय ढाका, संयुक्त आयुक्त विशाल कुमार, कार्यकारी अभियंता प्रदीप शर्मा, संदीप सिहाग, संदीप धुंधवाल, तुषार यादव, सुंदर श्योराण, सचिन यादव और प्रवीण राघव भी मौजूद थे।



