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गुरुग्राम, 29 सितम्बर 2025: गुरुग्राम के रियल एस्टेट क्षेत्र में स्वच्छ और सस्टेनेबल निर्माण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए सिग्नेचर ग्लोबल (इंडिया) लिमिटेड ने आज WRI इंडिया के साथ हाथ मिलाया। इस साझेदारी के तहत कंपनी अपने प्रोजेक्ट साइट दक्षिण पर धूल प्रदूषण की निगरानी और नियंत्रण के लिए पायलट स्टडी शुरू कर रही है।
इस मौके पर ललित कुमार अग्रवाल, सह-संस्थापक एवं वाइस चेयरमैन, सिग्नेचर ग्लोबल (इंडिया) लिमिटेड ने कहा:
“सिग्नेचर ग्लोबल में सस्टेनेबिलिटी हमारे हर काम का मूल मंत्र है। WRI इंडिया के साथ यह पहल गुरुग्राम के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे NCR में निर्माण क्षेत्र को नई दिशा देगी। प्रोजेक्ट साइट दक्षिण पर लगाए जा रहे लो-कॉस्ट सेंसर यह साबित करेंगे कि डाटा आधारित उपाय धूल प्रदूषण को प्रभावी तरीके से कम कर सकते हैं। हमें विश्वास है कि यह कदम आने वाले समय में उद्योग और नीतियों दोनों के लिए मिसाल बनेगा।”
गौरतलब है कि NCR क्षेत्र में निर्माण गतिविधियों से उड़ने वाली धूल (PM10 और PM2.5 कण) प्रदूषण की बड़ी वजह बनती है। इस कारण सरकार को समय-समय पर निर्माण कार्य पर प्रतिबंध भी लगाना पड़ता है, जिससे मज़दूरों, बिल्डरों और घर खरीदने वालों सभी को प्रभावित होना पड़ता है।
सिग्नेचर ग्लोबल पहले से ही अपने प्रोजेक्ट स्थलों पर कई उपाय अपना रही है, जैसे—धूल पर नियंत्रण के लिए नियमित छिड़काव, निर्माण सामग्री को ढककर रखना, एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सेंसर लगाना और कर्मचारियों को प्रशिक्षण देना। अब WRI इंडिया के साथ मिलकर शुरू किया गया यह पायलट प्रोजेक्ट गुरुग्राम में निर्माण क्षेत्र के लिए नई राह खोलने वाला साबित होगा।
इस अध्ययन से मिलने वाले डाटा का इस्तेमाल यह समझने के लिए होगा कि किस तरह साइट स्तर पर तुरंत और सही निर्णय लेकर धूल प्रदूषण को कम किया जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि गुरुग्राम से शुरू हुई यह पहल आने वाले वर्षों में देशभर में निर्माण उद्योग के लिए एक मानक बन सकती है।




