विकास परियोजनाओं में ईमानदारी और गुणवत्ता से समझौता किसी स्तर पर नहीं किया जाएगा बर्दाश्त
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई एचपीपीसी और एचपीडब्ल्यूपीसी की बैठक
बैठक में लगभग 851 करोड़ के कॉन्ट्रैक्ट और वस्तुओं की खरीद को दी गई मंजूरी
विभिन्न बोलीदाताओं से नेगोसिएशन के बाद लगभग 28 करोड़ रुपये की बचत हुई
Bilkul Sateek News
चंडीगढ़, 12 सितंबर। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम के बसई वाटर ट्रीटमेंट प्रोजेक्ट में टेंडर प्रक्रिया में हुई गंभीर गड़बड़ियों पर कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने इस मामले में लापरवाही बरतने वाले चीफ इंजीनियर को चार्जशीट करने के आदेश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस परियोजना की टेंडर प्रक्रिया के दौरान जानबूझकर नियमों की अनदेखी की गई, जिसके चलते राज्य सरकार को वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा। इसके साथ ही इस गड़बड़ी की वजह से परियोजना के क्रियान्वयन में भी अनावश्यक देरी हुई है, जिससे जनता को समय पर सुविधा नहीं मिल सकी।
मुख्यमंत्री ने ये निर्देश आज यहां उनकी अध्यक्षता में हुई उच्चाधिकार प्राप्त क्रय समिति (एचपीपीसी) तथा हाई पॉवर्ड वर्क्स परचेज कमेटी (एचपीडब्ल्यूपीसी) की बैठक में दिए। बैठक में कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल, श्याम सिंह राणा, रणबीर गंगवा और राज्य मंत्री राजेश नागर भी उपस्थित थे।
नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि टेंडर प्रक्रिया में शामिल संबंधित अधिकारी को चार्जशीट करते हुए नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी स्तर पर इस प्रकार की लापरवाही और अनियमितता दोबारा न हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की नीति भ्रष्टाचार और गड़बड़ी के प्रति जीरो टोलरेंस की है और जनता के हितों से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन देना है। विकास परियोजनाओं में ईमानदारी, गुणवत्ता और समयबद्धता से समझौता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
851 करोड़ के कॉन्ट्रैक्ट और वस्तुओं की खरीद को मंजूरी
एचपीपीसी और एचपीडब्ल्यूपीसी की बैठक में आज लगभग 851 करोड़ रुपये के कॉन्ट्रैक्ट तथा विभिन्न वस्तुओं की खरीद को मंजूरी दी गई। बैठक में विभिन्न बोलीदाताओं से नेगोसिएशन के बाद दरें तय करके लगभग 28 करोड़ रुपये की बचत की गई है।
इसके अलावा, यूएचबीवीएन और डीएचबीवीएन में 16,20,25,63 और 100 केवीए के ट्रांसफार्मरों की मरम्मत के लिए 133 करोड़ रुपये की मंजूरी प्रदान की गई। साथ ही, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, हैफेड और एचएसडब्ल्यूसी द्वारा आवश्यक 18,353 ब्लैक पॉलीथीन कवर की खरीद के लिए भी वार्षिक दर अनुबंध को मंजूरी दी गई।
178 करोड़ से अधिक की सड़क सुदृढ़ीकरण कार्यों को मिली मंजूरी
बैठक में करनाल – असंध- जींद- हांसी- तोशाम- सोडिवास सड़क के खंड हांसी-तोशाम सड़क एसएच-12 को लगभग 14.13 करोड़ रुपये की लागत से फोर-लेन करने और सुदृढ़ीकरण के कार्य को मंजूरी दी गई। इसके अलावा, तोशाम – भिवानी सड़क की विशेष मरमत (चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण), रोहतक खरखौदा दिल्ली बॉर्डर सड़क का सुदृढ़ीकरण, रेवाड़ी जिले में बेरली कलां होते हुए कोसली तक रेवाड़ी- दादरी सड़क के सुदृढ़ीकरण, गोहाना लाखन माजरा महम भिवानी रोड के सुदृढ़ीकरण तथा फतेहाबाद जिले में सुरेवाला चौक से उकलाना रोड तक सड़क के सुदृढ़ीकरण कार्यों को भी मंजूरी दी गई। इन पर लगभग 103.23 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
इसी प्रकार, कैथल जिले में एसएच संख्या 8 पर कुंजपुरा – करनाल – कैथल – खनौरी सड़क का सुदृढ़ीकरण, कैथल जिले में करनाल – कैथल सड़क की विशेष मरम्मत का कार्य, कोंड – मुनक – सलवान असंध सड़क के सुदृढ़ीकरण तथा करनाल रंबा इंद्री-लाडवा रोड के एक हिस्से को इंटरलॉकिंग पेवर ब्लॉक के साथ सुदृढ़ीकरण कार्यों को भी स्वीकृति प्रदान की गई। इन पर लगभग 75.49 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
इसके अलावा, बैठक में लगभग 14 करोड़ रुपये की लागत से आरडी-74250 से आरडी-109250 तक राणा डिस्ट्रीब्यूटरी की रिमॉडलिंग के कार्य को मंजूरी दी गई। बैठक में लगभग 15.47 करोड़ रुपये की लागत से 132/11 केवी ट्रांसफार्मरों की खरीद को भी मंजूरी दी गई।
बैठक में ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एके सिंह, लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल, वित्त विभाग के आयुक्त एवं सचिव- प्रथम मोहम्मद शाइन, आपूर्ति एवं निपटन विभाग के महानिदेशक पंकज के अलावा संबंधित विभागों के प्रशासनिक सचिव भी उपस्थित थे।




