गुरुग्राम। जमीन के सौदे में सुनहरे सपने दिखाकर मोटी रकम ऐंठने का आरोप भौंडसी थाना क्षेत्र में तूल पकड़ता जा रहा है। टिकली गांव की रहने वाली अंजू देवी की शिकायत के बाद पुलिस ने दो कथित कॉलोनाइजर भाइयों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच की कमान संभाल ली है। मामला सिर्फ एक प्लॉट का नहीं, बल्कि करोड़ों के लेनदेन का बताया जा रहा है।

अंजू देवी के मुताबिक उन्होंने 15 नवंबर 2022 को भौंडसी गांव में जमीन खरीदी थी। सौदा अलीपुर गांव निवासी सुभाष राठी और उसके भाई चरण सिंह के साथ हुआ। कागजों में सब कुछ ठीक दिखाया गया, कब्जा भी दे दिया गया। लेकिन जब रिकॉर्ड खंगाले गए तो कहानी ने पलटी मार दी। जिस जमीन को उनका बताया गया, वह किसी और के नाम दर्ज निकली।
शिकायतकर्ता का कहना है कि असली जमीन अलग खेवट नंबर में दर्ज है, जबकि उन्हें जो प्लॉट दिखाया गया, उसका मालिकाना हक विवादित है। जब उन्होंने इस पर सवाल उठाए तो जवाब की जगह कथित तौर पर धमकी मिली।
फोन किया तो अंजाम भुगतने की चेतावनी
अंजू देवी का आरोप है कि चरण सिंह ने साफ कहा कि उसके नाम कोई जमीन नहीं है। वहीं सुभाष राठी ने कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए चेतावनी दी कि आगे से फोन किया तो ठीक नहीं रहेगा। महिला का दावा है कि एग्रीमेंट सुभाष ने तैयार कराया था और उसमें शर्तें भी जोड़ी गई थीं। सौदे की रकम चरण सिंह के खाते में ट्रांसफर हुई, जबकि कुछ पैसा नकद लिया गया। यानी रकम दोनों भाइयों तक पहुंची, लेकिन जिम्मेदारी कोई लेने को तैयार नहीं।
करोड़ों के एग्रीमेंट पर सवाल
पुलिस जांच में सामने आया है कि मामला सिर्फ एक खरीददार तक सीमित नहीं है। आरोप है कि 20 फरवरी 2023 को 256 वर्ग गज प्लॉट के लिए 52 लाख 48 हजार रुपये का सौदा किया गया। इसके अलावा 700 गज के प्लॉट के लिए करीब 1.50 करोड़ रुपये, 153 वर्ग गज के लिए 32 लाख और 4235 वर्ग गज जमीन के लिए 23 मार्च 2023 को 5.74 करोड़ रुपये में एग्रीमेंट किए गए। इन सभी सौदों में खुद को जमीन का मालिक बताकर दस्तावेज तैयार करने का आरोप है। अगर जांच में यह सही साबित होता है तो यह जमीन का ऐसा जाल हो सकता है जिसमें कई लोग फंस चुके हैं।
पुलिस की पड़ताल शुरू
भौंडसी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर दस्तावेजों की बारीकी से जांच शुरू कर दी है। संबंधित रजिस्ट्रियों, खेवट नंबर और बैंक ट्रांजैक्शन की पड़ताल की जा रही है। आरोपियों से पूछताछ भी की जाएगी।
अंजू देवी ने पुलिस से गुहार लगाई है कि या तो उनकी जमीन की वैध रजिस्ट्री कराई जाए या फिर उन्हें आर्थिक नुकसान की भरपाई दिलाई जाए।
गुरुग्राम में जमीन के सौदे अक्सर मोटी रकम और बड़े वादों के साथ होते हैं, लेकिन इस मामले ने खरीदारों की सतर्कता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अब देखना यह है कि जांच की सुई किस दिशा में घूमती है और क्या करोड़ों के इस कथित खेल का सच सामने आ पाता है।



