गुरुग्राम में साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गुरुग्राम पुलिस ने इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C), गृह मंत्रालय के साथ संयुक्त अभियान चलाकर चीन मूल के साइबर ठगों को कॉलिंग सपोर्ट देने वाली एक महिला को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई साइबर थाना पूर्व की टीम द्वारा की गई, जिसमें अत्याधुनिक वर्चुअल सिम बॉक्स के जरिए अंतरराष्ट्रीय VOIP कॉल को लोकल कॉल में बदलकर भारतीय नागरिकों से ठगी की जा रही थी।

गिरफ्तार आरोपित महिला की पहचान कुंग पानमाए (उम्र 30 वर्ष) निवासी दीमापुर, नागालैंड और वर्तमान निवासी सेक्टर-28, गुरुग्राम के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, वह अपने पति के साथ मिलकर किराए के मकान में वर्चुअल सिम बॉक्स सेटअप संचालित कर रही थी। इस सेटअप के माध्यम से विदेश में बैठे साइबर अपराधी भारतीय लोगों को डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन गेमिंग और इनवेस्टमेंट फ्रॉड के नाम पर कॉल कर ठगी को अंजाम दे रहे थे।
मामले की शुरुआत 10 फरवरी 2026 को हुई, जब साइबर अपराध पूर्व थाना, गुरुग्राम को विश्वसनीय सूत्रों से सूचना मिली कि सेक्टर-28 स्थित एक मकान में अवैध समानांतर टेलीफोन एक्सचेंज संचालित किया जा रहा है। सूचना के आधार पर श्री प्रियांशु दीवान, HPS, सहायक पुलिस आयुक्त साइबर अपराध, गुरुग्राम के नेतृत्व में निरीक्षक अमित और उनकी टीम ने इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर के साथ मिलकर संयुक्त रेड की।
रेड के दौरान चौथी मंजिल पर स्थित एक किराए के फ्लैट में तीन मोबाइल फोन चालू हालत में मिले, जो अपने आप अलग अलग भारतीय नंबरों पर कॉल कर रहे थे। एक नंबर कटते ही फोन स्वतः दूसरे नंबर पर डायल हो रहा था। मोबाइल स्क्रीन पर VDMS APK ऐप चलती हुई पाई गई, जिससे स्पष्ट हुआ कि यह कॉलिंग सिस्टम ऑटोमेटेड था। मौके पर मौजूद महिला को तुरंत हिरासत में ले लिया गया।
पूछताछ में आरोपित महिला ने स्वीकार किया कि वह अपने पति के साथ मिलकर चीन आधारित साइबर ठगों को तकनीकी सहयोग दे रही थी। उसका काम मोबाइल फोन को लगातार चार्ज रखना और वाईफाई नेटवर्क से कनेक्टेड रखना था, ताकि वर्चुअल सिम बॉक्स के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय कॉल लोकल नंबर के रूप में दिखाई दें। इस पूरी प्रक्रिया के बदले उसके पति को कमीशन प्राप्त होता था।
पुलिस ने महिला के कब्जे से 7 मोबाइल फोन (3 स्मार्टफोन, 1 कीपैड फोन और 3 टूटे हुए फोन), 1 वाईफाई मॉडेम, 3 सिम कार्ड और 1 टूटा हुआ लैपटॉप बरामद किया है। बरामद उपकरणों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क और अन्य संभावित आरोपियों की पहचान की जा सके।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वर्चुअल सिम बॉक्स एक अत्याधुनिक और संवेदनशील तकनीक है, जिसका उपयोग केवल साइबर ठगी ही नहीं बल्कि राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में भी किया जा सकता है। अंतरराष्ट्रीय VOIP कॉल को लोकल कॉल में परिवर्तित करना देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
आरोपित महिला को 11 फरवरी 2026 को नियमानुसार गिरफ्तार कर मामले में शामिल किया गया है। पुलिस अब उसके पति और अन्य सहयोगियों की तलाश में जुटी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस नेटवर्क के तार किन विदेशी संगठनों से जुड़े हैं।
गुरुग्राम पुलिस ने कहा है कि बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए विशेष सतर्कता बरती जा रही है और ऐसे मामलों में त्वरित तकनीकी विश्लेषण के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि डिजिटल अरेस्ट, निवेश या गेमिंग के नाम पर आने वाली संदिग्ध कॉल से सतर्क रहें और तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।
यह कार्रवाई साइबर अपराध के खिलाफ चल रहे अभियान में एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है।



