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Reporter: Pardeep Narula
Author: Pardeep Narula
गुरुग्राम | 24 फरवरी, 2026
सेक्टर 29 का सरस फूड कोर्ट इन दिनों मानो पूरे भारत का स्वाद-नक्शा बन गया है। ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित सरस आजीविका मेला 2026 अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रहा है और अब इस बहुरंगी उत्सव को समाप्त होने में केवल दो दिन शेष हैं। ऐसे में लोगों की भीड़ लगातार बढ़ रही है, क्योंकि यहां परोसें जा रहे व्यंजन सिर्फ भोजन नहीं, बल्कि परंपरा, संस्कृति और आत्मनिर्भरता की कहानी भी कह रहे हैं।

देशभर से आए स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने अपने-अपने राज्यों के पारंपरिक स्वादों को एक ही मंच पर सजाया है। फूड कोर्ट में कदम रखते ही मसालों की खुशबू, तवे की छनक और पकवानों की सजी थालियां आगंतुकों को अपनी ओर खींच लेती हैं।
शाकाहारी व्यंजनों की रंगीन दुनिया
शाकाहारी व्यंजनों की बात करें तो हरियाणा के छोले कुलचे से लेकर पंजाब की भरपूर पंजाबी थाली तक, महाराष्ट्र का वड़ा पाव और मिसल पाव, झारखंड का धुस्का, तेलंगाना की पनीर बिरयानी, तमिलनाडु का मसाला डोसा और पश्चिम बंगाल का दाल-सेल रोटी के साथ आलू दम लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं।

उत्तराखंड की झंगोरे की खीर, राजस्थान की कचौरी और घेवर, असम की ब्लैक राइस खीर तथा तिल पिठा जैसे व्यंजन पारंपरिक स्वाद को जीवंत कर रहे हैं। अरुणाचल प्रदेश के मोमो और छत्तीसगढ़ के विविध प्रकार के पकौड़े भी फूड कोर्ट में खास आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
मांसाहारी पकवानों का खास जलवा
मांसाहारी व्यंजनों में तेलंगाना की प्रसिद्ध हैदराबादी चिकन दम बिरयानी की खुशबू दूर तक लोगों को आकर्षित कर रही है। आंध्र प्रदेश का गुंटूर चिकन फ्राई और चिकन लॉलीपॉप, केरल का चिकन पोरोट्टा एवं कप्पा बिरयानी, कर्नाटक का फिश कबाब और फिश चिली, पश्चिम बंगाल का चिली चिकन के साथ फ्राइड राइस, गोवा का चिकन कटलेट और त्रिपुरा की विशेष थाली आगंतुकों को विविध स्वादों का अनुभव करा रही है।
तटीय राज्यों से लाई गई ताज़ी मछली से बने व्यंजन भी लोगों के बीच खूब पसंद किए जा रहे हैं।
मिठास और पेय पदार्थों की सुगंध
मिष्ठान्न की बात करें तो हरियाणा के गुलाब जामुन और जलेबी, राजस्थान की रबड़ी जलेबी, झारखंड का गुड़ पीठा, असम का नारियल पिठा और तिल पिठा, नागालैंड का मिक्स फ्रूट कस्टर्ड तथा छत्तीसगढ़ का गुलगुला मेले की मिठास बढ़ा रहे हैं।

पेय पदार्थों में असम की चाय, आंध्र प्रदेश की फिल्टर कॉफी, केरल का नींबू पेय और छत्तीसगढ़ की गुड़ वाली चाय आगंतुकों को ताजगी का अनुभव करा रही है।
आत्मनिर्भरता का सशक्त मंच
सरस आजीविका मेला केवल स्वादों का उत्सव नहीं है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी मंच भी है। स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं यहां अपने उत्पादों के माध्यम से न केवल आय अर्जित कर रही हैं, बल्कि अपनी पहचान भी मजबूत बना रही हैं।

स्वाद, संस्कृति और स्वावलंबन का यह संगम अब अपने समापन की ओर है। यदि आप भी देश के विविध व्यंजनों का स्वाद एक ही स्थान पर चखना चाहते हैं, तो सेक्टर 29 का सरस फूड कोर्ट आपके इंतजार में है। केवल दो दिन शेष हैं, और हर प्लेट में सजा है भारत का अनोखा स्वाद।




