
Bilkul Sateek News
गुरुग्राम, जो कभी केवल दिल्ली का एक सैटेलाइट टाउन समझा जाता था, अब एनसीआर के सबसे गतिशील और निवेश योग्य रियल एस्टेट बाजारों में शुमार हो चुका है। इस बदलाव की सबसे बड़ी वजह है शहर में लगातार मजबूत हो रहा कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर, जो गुरुग्राम दिल्ली के साथ साथ पूरे एनसीआर और पड़ोसी राज्यों से भी निर्बाध रूप से जोड़ रहा है।
द्वारका एक्सप्रेसवे, जिसका लगभग 18.9 किमी का हरियाणा हिस्सा मार्च 2024 में परिचालित हुआ और पूरा मार्ग जून 2025 तक खुल गया, इस क्षेत्र को एनसीआर का सबसे सक्रिय रियल एस्टेट माइक्रो‑मार्केट बना चुका है। स्क्वायर यार्ड्स की रिपोर्ट बताती है कि इस कॉरिडोर पर 2020 से वर्ष में 10000 से अधिक नए रेजीडेंशियल यूनिट्स लॉन्च किए जा रहे हैं, जबकि महामारी से पहले यह 5000-7000 तक सीमित था। 2024 में कीमतों में लगभग 29 प्रतिशत की उपरी वृद्धि दर्ज हुई, औसत रेंज ₹12000-₹14000 प्रति स्क्वेयर फुट थी। प्रोपइक्विटी के अनुसार, 2010 से 2024 तक इस कॉरिडोर पर करीब 42816 यूनिट्स लॉन्च हुईं और 41899 यूनिट्स बिक चुकी हैं, साथ ही कीमतें ₹3753 से ₹18668 प्रति स्क्वेयर फुट तक पहुंच चुकी हैं, लगभग 397 प्रतिशत वृद्धि। केवल 2020-24 में, 15994 यूनिट्स लॉन्च हुईं और उनमें से 16502 बिकीं, जिनमें लगभग 4बीएचके प्रीमियम फ्लैट्स ₹4.8-8.6 करोड़ तक बिका करते थे।
विशेष रूप से सेक्टर 37डी, 103, 106, 111 और 113 जैसे क्षेत्रों में कुल सप्लाई का 74 प्रतिशत हिस्सा रहा, जो इस रेंज में सबसे अधिक निवेश की ओर इशारा करता है। सेक्टर 37 प्रतिशत तो 2024 में केवल छह महीनों में 27.6 प्रतिशत तक की कीमत वृद्धि देख चुका है, मार्च से सितंबर के बीच ₹8700 से बढ़कर ₹11100 प्रति स्क्वेयर फुट हो गया है।
सिग्नेचर ग्लोबल के चेयरमैन प्रदीप अग्रवाल मानते हैं कि द्वारका एक्सप्रेस-वे के साथ-साथ पूरा गुरुग्राम रियल एस्टेट सेक्टर एक नए युग में प्रवेश कर रहा है। आज जब हम देखें कि सेक्टर 37 जैसे क्षेत्रों में मेट्रो और एक्सप्रेस-वे जैसी कनेक्टिविटी योजनाएं आकार ले रही हैं। सेक्टर 82 से लेकर 101 तक और सेक्टर 37 में कनेक्टिविटी सुधार के चलते रियल एस्टेट में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जाएगी। आने वाले 2 वर्षों में इन क्षेत्रों में प्रॉपर्टी की मांग में 30 से 40 प्रतिशत तक की उछाल देखी जा सकती है।
इसके साथ ही, एलांते ग्रुप के संस्थापक आकाश कोहली का कहना है कि आज का ग्राहक सिर्फ एक घर नहीं, एक कनेक्टेड जीवनशैली चाहता है। उन्होंने बताया, “द्वारका एक्सप्रेस-वे और ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर जैसे प्रोजेक्ट के आने के वजह से आवासीय के साथ साथ कमर्शियल हब की भी मांग बढ़ेगी। निवेशकों को अब सिर्फ लोकेशन नहीं, लॉन्ग टर्म इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ भी देखनी चाहिए।”
वे मानते हैं कि आने वाले वर्षों में गुरुग्राम का हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर जैसे प्रोजेक्ट्स से जुड़ना, लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट के लिए अभूतपूर्व अवसर पैदा करेगा।
हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर, जो लगभग 121 किलोमीटर लंबा होगा और पलवल से सोनीपत तक चलेगा, गुरुग्राम को पूरे हरियाणा और एनसीआर के अन्य औद्योगिक केंद्रों से जोड़ने का कार्य करेगा। इससे वेयरहाउसिंग, ट्रांसपोर्ट और सप्लाई चेन से जुड़े उद्योगों को भी गति मिलेगी, जिससे व्यावसायिक प्रॉपर्टी की मांग में उछाल की संभावना प्रबल हो जाती है।
मेट्रो विस्तार की परियोजनाओं में हुडा सिटी सेंटर से साइबर सिटी तक 28.5 किमी की लाइन शामिल है, जिसमें एक शाखा द्वारका एक्सप्रेस-वे, सेक्टर 37 तक आएगी। अनुमान है कि यह अगस्त 2027 तक पूरा हो सकता है। इससे सेक्टर 37 में रियल एस्टेट गतिविधियां और अधिक तीव्र रूप से विकसित होंगी।