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फरीदाबाद (अजय वर्मा), 20 जनवरी। 12 सूत्रीय मांगों व लंबे समय से मानदेय नहीं देने के चलते फरीदाबाद की आशा वर्कर्स ने बीके सिविल अस्पताल के प्रांगण में सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जिला सिविल सर्जन के कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि 12 फरवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल में आशा वर्कर बढ़-चढ़कर भाग लेंगी। वहीं, उन्होंने कहा कि पिछले 4 महीने से उन्हें उनका मानदेय नहीं मिला और उन्होंने लेप्रोसी और टीवी के अलावा पोलियो के लिए भी काम किया उसका पैसा भी उन्हें नहीं मिला।
आशा वर्कर हेमलता ने बताया कि 12 फरवरी को मांगों को लेकर हमारी राष्ट्रव्यापी हड़ताल होने जा रही है। जिसको लेकर हम सीएमओ को ज्ञापन देने जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 4 महीने से जो मानदेय हमें मिलता है वह नहीं मिला। हम जैसे-तैसे अपना गुजारा करने पर विवश है। इसके अलावा हमसे लेप्रोसी और टीवी का काम करवाया गया, जिसका भुगतान नहीं दिया गया। इसके अलावा पोलियो का काम भी हमसे करवाया गया, उसका भी पैसा हमें नहीं मिला। ऐसे में भूखे पेट वह कैसे काम कर पाएंगे। एक तरफ स्वास्थ्य विभाग हमें रीढ़ की हड्डी मानता है, लेकिन दूसरी तरफ पैसा नहीं मिलने के चलते और वह काम कैसे करेंगे और क्या अपने बच्चों और परिवार को खिलाएंगे। उन्होंने कहा कि हमारी 12 सूत्रीय मांगे हैं जिसमें लोकल मांगे भी शामिल है और अगर उनकी मांगे नहीं मानी गई तो वह आंदोलन करेंगे इसके जिम्मेदार उच्च अधिकारी होंगे। आशा वर्करों का कहना था कि उनका मानदेय 6100 है और हमसे ऑनलाइन काम करवाने का दबाव डाला जाता है, जो कहीं भी उचित नहीं है। हालांकि जो एक-एक लाख रुपये की सैलरी ले रहे हैं वह भी ऑनलाइन काम नहीं करना चाहते। ऐसे में हम पर दबाव बनाना और जरूरत से ज्यादा काम लेना कहीं भी उचित नहीं है और यदि सरकार ऑनलाइन काम करवाना चाहती है तो हमें 50 हजार सैलरी दे।



