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गुरुग्राम, 28 जनवरी। गुरुग्राम के सेक्टर 34 स्थित डीपीजी डिग्री कॉलेज में मंगलवार को अवेयरनेस सेशन के अंतर्गत् एक विशेष सेमिनार का आयोजन किया गया। जिसका विषय था ‘अपशिष्ट को बनाएं बहुमूल्य’। इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों ने भाग लिया और वेस्ट मैनेजमेंट और उससे संबंधित विषयों पर चर्चा की।
मुख्य बिंदु…
– इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डीपीजी डिग्री कॉलेज के अध्यक्ष राजेंद्र गहलोत, वाइस चेयरमैन दीपक गहलोत, डॉ. एस.एस. बोकन, प्रिंसिपल डीपीजी डिग्री कॉलेज, डॉ. माधवी भाटिया, डीन अशोक गोगिया, रजिस्ट्रार, डॉ. प्रहलाद सिंह, डॉयरेक्टर, एकेडमिक्स, डॉ. प्रिया शुक्ला, निदेशक और डॉ. प्रियंका कुमारी, डीन एकेडमिक उपस्थित थे।
कार्यक्रम में विशेष अतिथि जितेंद्र, प्रोजेक्ट कॉर्डिनेटर, आई.पी.सी.ए., ‘प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट’ तथा कुलदीप हिंदुस्तानी अपनी टीम के साथ मौजूद रहे। उन्होंने प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट पर अपने विचार साझा किए।
डॉ. अमिता सिंह विभागाध्यक्ष लाइफ साइंस विभाग ने अतिथियों का स्वागत किया और वेस्ट मैनेजमेंट के महत्व के बारे में बताया।
डॉ. एसएस बोकन प्राचार्य ने अपने संबोधन में पर्यावरण सुरक्षा और संरक्षण के महत्व पर चर्चा की।
अशोक गोगिया रजिस्ट्रार ने वेस्ट मैनेजमेंट में व्यक्तिगत भूमिका और सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।

अपशिष्ट को बनाएं बहुमूल्यः
इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अपशिष्ट पदार्थों को बहुमूल्य बनाने के तरीकों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि कैसे अपशिष्ट पदार्थों को खाद, जैविक उर्वरक और अन्य उपयोगी उत्पादों में परिवर्तित किया जा सकता है।
डॉ. अमिता सिंह विभागाध्यक्ष लाइफ साइंस विभाग ने कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी अतिथियों, संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।



