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फरीदाबाद (अजय वर्मा), 2 फरवरी। 39वें अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले में जहां देश-विदेश के कलाकार अपनी कला का जौहर दिखा रहे हैं। वहीं, मेला प्रांगण में लुप्त होती बहरूपिया कला जीवित होते दिखाई दे रही है और लोग इन बहरूपियों की कला को खूब पसंद कर रहे हैं और उनके साथ फोटो और सेल्फी ले रहे हैं। राजस्थान से आए कलाकार सोनू बहरूपिया ने जब जानी दुश्मन का किरदार निभाते हुए मेला प्रांगण में प्रवेश किया तो दर्शक बरसबस उसकी तरफ खिंचे चले आए और उसकी कला की जमकर तारीफ की।
बहरूपिया कलाकार सोनू ने बताया कि यह उनकी खानदानी कला है और आज मेले में उन्होंने जानी दुश्मन फिल्म का किरदार निभाया है और आने वाले 15 दिनों मे वह हर रोज एक नए किरदार में नजर आएगा और मेला दर्शकों का मनोरंजन करेगा। सोनू ने बताया कि आज के दौर में बहरूपिया कला लुप्त होती जा रही है फिर भी मेलों में उन्हें बुलाया जाता है जिससे उनकी रोजी-रोटी चलती है।
कलाकार ने बताया कि किसी जमाने में इस कला के बहुत कद्रदान हुआ करते थे और गांव-गांव शहर शहर जाकर वे अपनी कला का प्रदर्शन करते थे और उस समय टीवी नहीं हुआ करता था। कलाकार ने बताया कि मेला प्रशासन द्वारा रहने और खाने-पीने का पूरा इंतजाम किया गया है और वह हरियाणा सरकार का धन्यवाद करते हैं कि उन्होंने उसे यहां बुलाया है।
वहीं, मेले में घूमने आई महिलाओं ने बहरूपिया कलाकार की कला को खूब पसंद करते हुए कहा कि हम सब इस कला का खूब आनंद ले रहे हैं और खास तौर पर बच्चे बहुत खुश हो रहे हैं। हमने कलाकार के साथ फोटो खिंचवाया और सेल्फी ली, हमें बहुत अच्छा लगा। अन्य महिलाओं ने कहा कि यह कलाकार बहुत मेहनत कर रहे हैं और पूरा दिन मेला दर्शकों का मनोरंजन करते हैं जोकि आसान काम नहीं है। हम इनकी कला की कदर करते हैं। दूसरी महिलाओं ने कहा कि यह कला लुप्त होती जा रही है और हमें इन्हें बढ़ावा देना चाहिए और उनकी कला की कदर करनी चाहिए, ताकि इनकी रोजी-रोटी चलती रहे।



