Bilkul Sateek News
Reporter: Pardeep Narula
Author: Pardeep Narula
गुरुग्राम की सड़कों पर आधी रात का सन्नाटा था, लेकिन साउथ पेरिफेरल रोड पर अचानक ऐसा शोर गूंजा कि सब कुछ थम सा गया।
तेज रफ्तार कैंटर ने ड्यूटी पर तैनात टीम को रौंद डाला। 16-17 मार्च की दरम्यानी रात करीब 1 बजे, एईटीओ (इंफोर्समेंट) महिम शर्मा अपनी टीम के साथ सेक्टर-77 स्थित एसपीआर पर चेकिंग ड्यूटी कर रहे थे। उनके साथ सरकारी स्कॉर्पियो में ड्राइवर देशराज, सेवादार उमेश और पुलिस कर्मी कृष्ण कुमार मौजूद थे। तभी एक तेज रफ्तार कैंटर वहां पहुंचा। टीम ने टॉर्च और इशारे से वाहन रोकने की कोशिश की, लेकिन ड्राइवर ने ब्रेक की जगह रफ्तार को चुना।

एक टक्कर… और स्कॉर्पियो हवा में पलट गई ,देखते ही देखते कैंटर ने सीधी टक्कर मारी। झटका इतना जबरदस्त था कि सरकारी स्कॉर्पियो पलटकर सड़क पर जा गिरी। अंदर बैठे चारों कर्मचारी गाड़ी में ही फंस गए। हालात ऐसे थे जैसे लोहे का ढांचा अचानक जाल बन गया हो।
राहगीर बने फरिश्ता
पास से गुजर रहे लोगों ने बिना वक्त गंवाए गाड़ी में फंसे कर्मचारियों को बाहर निकाला और तुरंत अस्पताल पहुंचाया। अगर कुछ मिनट की भी देरी होती, तो हालात और बिगड़ सकते थे।
112 पर कॉल… पुलिस तुरंत मौके पर
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस कंट्रोल रूम 112 और ईआरवी टीम मौके पर पहुंची। पलटी हुई स्कॉर्पियो को सड़क से हटाया गया ताकि ट्रैफिक फिर से सामान्य हो सके।
ड्राइवर फरार, पुलिस तलाश में
महिम शर्मा की शिकायत पर कैंटर चालक महेंद्र (निवासी पूठी सराय, बदायूं, यूपी) के खिलाफ लापरवाही से गाड़ी चलाने और सरकारी काम में बाधा डालने का केस दर्ज किया गया है। हादसे के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
ड्यूटी पर थे, निशाना बन गए
जानकारी के मुताबिक महिम शर्मा मूल रूप से जयपुर के रहने वाले हैं और फिलहाल हरियाणा सरकार में नारनौल में तैनात हैं। उन्हें मुख्यालय पंचकुला से आदेश मिलने के बाद गुरुग्राम में विशेष चेकिंग के लिए भेजा गया था।
अब सवाल वही है…
क्या सड़कों पर कानून का डर खत्म हो चुका है, या रफ्तार का नशा सब पर भारी पड़ रहा है?




