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गुरुग्राम, 26 नवंबर। गुरुग्राम की एक सत्र अदालत ने साड़ी चोरी करने का संदेह होने पर बहस के दौरान 29 वर्षीय युवक की गोली मारकर हत्या करने वाले आरोपी को दोषी करार देते हुए उम्र कैद व जुर्माने की सजा सुनाई है।
अभियोग का संक्षिप्त विवरण: दिनांक 15.08.2023 को गांव नाथूपुर गुरुग्राम में किराए पर रहने वाले दो सिक्योरिटी गार्ड में से एक अजय सिंह की पत्नी ने दूसरे सिक्योरिटी गार्ड पिंटू कुमार (उम्र 29 वर्ष) पर उसकी साड़ी चोरी करने की बात अपने पति को बताई। साड़ी चोरी करने की बात को लेकर अजय सिंह व पिंटू कुमार का आपस मे झगड़ा हो गया और इसी दौरान अजय सिंह ने अपनी लाइसेंसी राइफल से पिंटू कुमार पर फायर कर दिया। घायल पिंटू को जब ईलाज के लिए नारायणा हॉस्पिटल DLF Ph-III में इलाज के लिए लेकर गए तो डाक्टर द्वारा पिंटू कुमार को मृत घोषित कर दिया गया। इस सम्बन्ध में मृतक के साथी व घटनास्थल पर बीच-बचाव करने वाले अशोक कुमार द्वारा पुलिस को दिए गए ब्यान/कथन पर थाना DLF Ph-3 में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग अंकित किया गया था।
पुलिस कार्रवाई: निरीक्षक प्रवीन कुमार प्रभारी अपराध शाखा सिकंदरपुर की पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए इस मामले में अजय सिंह (उम्र 50 वर्ष) निवासी नाथुपुर गुरुग्राम को 16 अगस्त 2023 को यू-ब्लॉक नाथूपुर से गिरफ्तार किया।
आरोपी का विवरण: अजय सिंह निवासी गाँव सराए पट्टी सिद्धपुर, जिला कासगंज, उत्तर-प्रदेश, वर्तमान निवासी नाथूपुर गुरुग्राम, उम्र-50 वर्ष, शिक्षा 12वीं पास।
पुलिस पूछताछ: पुलिस पूछताछ में ज्ञात हुआ था कि आरोपी ने 2002 में यूपी से आर्म्स लाइसेंस बनवाया था और वह 2005 से नाथुपुर गुरुग्राम में अपने परिवार सहित किराए के मकान में रह रहा था तथा MG रोड में स्थित फिलिंग स्टेशन पर सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता था। उसकी पत्नी ने उसे बताया कि उसकी साड़ी चोरी हो गई है और साड़ी चोरी करने का शक उनके ही पड़ोस में रहने वाले पिंटू कुमार पर है। 15 अगस्त 2023 को ड्यूटी के लिए निकलते समय इसकी पिंटू कुमार से साड़ी चोरी करने के सम्बन्ध में बहस हो गई तथा इसी बहस में पिंटू ने उसको थप्पड़ मार दिया और उनसे अपने लाइसेंसी हथियार (डोगा राईफल) से पिंटू पर फायर कर दिया, जो गोली पिंटू के पेट में लगी, जिसके कारण यह उसकी मौत हो गई।
बरामदगी: इस वारदात को अंजाम देने में प्रयोग की गई 1 राइफल (डोगा 12 बोर), 2 खाली खोल और आर्म्स लाइसेंस आरोपी के पास से बरामद किया गया था।
न्यायालय की सुनवाई: इस मामले में पुलिस द्वारा अजय सिंह के खिलाफ अदालत में चार्जशीट तथा एकत्रित किए गए साक्ष्य व गवाह पेश किए गए। पुलिस द्वारा पेश किए गए साक्ष्यों ओर गवाहों के आधार पर सुनील कुमार देवन एडिशनल सैशन जज की अदालत ने आरोपी अजय सिंह को दोषी करार देते हुए धारा 302 IPC के तहत उम्र कैद व 50 हजार रुपये का जुर्माना और धारा 27(1) आर्म्स एक्ट के तहत 7 साल की सजा व 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।




