Bilkul Sateek News
गुरुग्राम, 30 जनवरी। गुरुग्राम पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा-I (EOW-I) ने एक बड़े फर्जीवाड़ा प्रकरण में कार्रवाई करते हुए RAH इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी से गोयल समूह की कंपनी द्वारा सोलर पैनल कंपोनेंट्स व सेमीकंडक्टर खरीदने के लिए लेटर-ऑफ-क्रेडिट के माध्यम से लॉन लेकर रुपये वापस न लौटने के मामले में 1 आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
मामले का विवरण: आर्थिक अपराध शाखा-II द्वारा जांच के उपरान्त 1 जनवरी को एक शिकायत पुलिस थाना सेक्टर-50 में प्राप्त हुई। जिसमें शिकायतकर्ता ने बताया कि उसकी कम्पनी RAH इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड से गोयल समूह की कंपनी HQ LAMPS मैन्युफैक्चरिंग कम्पनी, गोयल लाइटिंग के प्रतिनिधिनियों द्वारा सोलर पैनल कंपोनेंट्स व सेमीकंडक्टर खरीदने के लिए उसकी कंपनी से संपर्क किया और बताया कि वह सामान GH2 सोलर लिमिटेड कम्पनी से लेटर-ऑफ-क्रेडिट के माध्यम से खरीदेंगे, जिसका भुगतान समय पर कर देंगे। उपरोक्त कंपनियों ने बिल्टी बिल, ट्रांसपोर्ट बिल, ई-वे बिल सभी फर्जी बनाकर उनके साथ फर्जीवाड़ा किया और कम्पनी गोयल लाइटिंग ने 35 करोड़ 25 लाख रुपये का व HQ लैंप्स द्वारा 26 करोड़ 96 लाख 46 हजार 912 रुपये का चेक भुगतान के लिए दिया, जो खातों में रकम न होने के कारण बाउंस हो गए। गोयल समूह की कम्पनियों द्वारा वीजी इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ मिलकर फर्जीवाड़ा करके कुल 57 करोड़ 22 लाख रुपये की ठगी कर गई।
मामला दर्ज: थाने में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया तथा आर्थिक अपराध शाखा-II पुलिस द्वारा अभियोग में आगामी कार्यवाही/अनुसंधान शुरू किया गया।
गिरफ्तारी: आर्थिक अपराध शाखा-II ने पुलिस प्रणाली एवं पुलिस तकनीकी की सहायता के आधार पर कार्रवाई करते हुए आज ग्रेटर नोएडा उत्तर-प्रदेश से इस मामले में 1 आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान गौरव गोयल (उम्र-38 वर्ष, शिक्षा-एमबीए) निवासी विकास मार्ग दिल्ली के रूप में हुई।
पुलिस पूछताछ: प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि यह वीजी इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी का मालिक है व HQ लैंप्स व गोयल लाइटिंग का मालिक उसके पिता राकेश गोयल है। उनकी दोनों कंपनियों का काम भी वही देखता है। आरोपी ने बताया कि उन्होंने RAH इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से सोलर पैनल कंपोनेंट्स व सेमीकंडक्टर खरीदने के नाम पर GH2 सोलर कंपनी को लेटर-ऑफ-क्रेडिट के माध्यम से 55 करोड़ 55 लाख रुपये भुगतान करवा दिए, जो उन्होंने फर्जी खरीद बिल, ट्रांसपोर्ट बिल बनाकर यह रुपये हड़प लिए व भुगतान के समय चैक दिए जो भुगतान के समय बाउंस चेक हो गए। आरोपी ने बताया कि इस फर्जीवाड़ा प्रकरण में ट्रांसफर हुई राशि में 18 करोड़ रुपये वीजी इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी के बैंक खाते में ट्रांसफर कराके प्राप्त किए थे। आरोपी द्वारा फर्जी बिल, ट्रांसपोर्ट बिल व सामान के नाम पर लोन लेकर व वापस न लौटाकर उपरोक्त वारदात को अंजाम दिया गया।
आगामी कार्रवाई: पुलिस द्वारा आरोपी को अदालत में पेश करके पुलिस हिरासत रिमांड पर लिया जाएगा व पुलिस हिरासत रिमांड के दौरान आरोपी से इसके अन्य साथियों की पहचान, अन्य संभावित वारदातों का खुलासा, ठगी की गई राशि व संबंधित दस्तावेजों की बरामदगी के लिए विस्तृत पूछताछ की जाएगी। मामले की गहनता से जांच जारी है।



