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गुरुग्राम, 6 सितंबर। गुरुग्राम पुलिस ने लोन बंद करने के नाम पर 11 करोड़ की ठगी करने के मामले में एक कंपनी के जनरल मैनेजर को गिरफ्तार किया है। आरोपी लोन लेने वालों से वसूली गई रकम को अपने पास रख लेता था।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार आर्थिक अपराध शाखा-प्रथम को 18 जून को पुलिस थाना मेट्रो से एक शिकायत प्राप्त हुई थी। जिसमें शिकायतकर्ता ने बताया था कि उसकी कंपनी फाइनेंस सर्विस और लोन प्रदान करती है। कंपनी ने लोगों के लोन कराने के लिए एक दूसरी कंपनी के साथ समझौता किया हुआ है। उस कंपनी के कर्मचारियों ने उनके ग्राहकों से लोन की एडवांस किस्तें प्राप्त कर और ग्राहकों को कुल लोन के बदले कम राशि का भुगतान करवाकर उनकी कंपनी की फर्जी एनओसी देकर उस राशि का गबन किया गया है। प्राप्त शिकायत पर पुलिस थाना मेट्रो में मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को शुक्रवार को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान सतीश चंद्रा (उम्र 32-वर्ष, शिक्षा एमबीए) निवासी गांव नारायणा जिला इलाहाबाद (उत्तर-प्रदेश) के रूप में हुई। प्रारंभिक पुलिस पूछताछ में पता चला कि सतीश शिकायतकर्ता कंपनी ने जिस कंपनी के साथ समझौता किया हुआ है उसमें जनरल मैनेजर के पद पर पिछले 2 साल से काम कर रहा है। उनकी कंपनी द्वारा लोगों से संपर्क उनका लोन कराने के लिए लोगों के दस्तावेज शिकायतकर्ता फाइनेंसर कंपनी को भेज देते हैं। जिसके बाद फाइनेंसर कंपनी लोन अप्रूव करके ग्राहक के खाते में भेज देती है। फिर वह और उसकी कंपनी के डायरेक्टर व अन्य अधिकारी उन ग्राहकों से संपर्क करके उनसे बेवजह ही एडवांस में 2 से 3 किस्तें नगद प्राप्त कर लेते हैं। फिर वे कुछ महीनों बाद पुनः उन ग्राहकों से संपर्क करके उनके लोन की बकाया कुल राशि के बदले उन्हें कम रुपये जमा कराकर लोन बंद कराने का प्रलोभन देते और जो ग्राहक इनके झांसे में फंस जाता, उनसे ये कुल लोन राशि के बदले कम राशि नगद प्राप्त करके उन्हें फाइनेंसर कंपनी की तरफ से लोन समाप्त किए जाने का फर्जी एनओसी दे देते हैं। फिर वे उन रुपयों को फाइनेंसर कंपनी में जमा ना कराकर अपने निजी बैंक खातों में ट्रांसफर कर लेते हैं।
पुलिस अनुसंधान में सतीश द्वारा अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर कुल 588 ग्राहकों का कुल 19 करोड़ 40 लाख 20 हजार रुपये का लोन कराना, जिनमें से ग्राहकों द्वारा कुल 8 करोड़ 15 लाख 7 हजार 526 रुपये लोन देने वाली कंपनी को किस्तों के रूप में भुगतान करना और 11 करोड़ 25 लाख 12 हजार 474 रुपये गबन (उपरोक्त आरोपी व उसके आने साथियों द्वारा) करना पाया गया है। सतीश को न्यायालय में पेश करके 2 दिन के पुलिस हिरासत रिमांड पर लिया गया है।




