A selective focus shot of male hands in handcuffs on a wooden table
Bilkul Sateek News
गुरुग्राम, 1 दिसंबर। हरियाणा स्टेट विजिलेंस एवं एंटी करप्शन ब्यूरो की फरीदाबाद ब्रांच ने CMO ऑफिस में तैनात एक सहायक को 3.25 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। रिश्वत की यह राशि आरोपी के पिट्ठू बैग से बरामद की गई है।
यह राशि डायग्नोस्टिक सेंटर की NOC के लिए ली जा रही थी। शुरुआत में 5 लाख रुपये मांगे गए थे, लेकिन 3.25 लाख में सौदा तय किया गया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने फरीदाबाद ब्रांच को इसकी जानकारी दी। टीम ने सहायक सुभाष शर्मा को पकड़ने के लिए जाल बिछाया और रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।
सुभाष शर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा-7 के तहत राज्य सतर्कता ब्यूरो के थाना में एफआईआर दर्ज की गई है। फिलहाल आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
एटरिम डायग्नोस्टिक (अब Alfa Diagnostics) के सेंटर मैनेजर ने बताया कि उन्होंने अपना डायग्नोस्टिक सेंटर बेच दिया है और नई मालिकाना हक वाली कंपनी को मशीन ट्रांसफर और अन्य जरूरी अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) चाहिए था। इसके लिए 31 अक्टूबर 2025 को सीएमओ कार्यालय में आवेदन दिया गया था। मामला PNDT (Pre-Conception and Pre-Natal Diagnostic Techniques) से जुड़ा होने के कारण डिप्टी सीएमओ के पास गया।
सेंटर मैनेजर ने बताया कि आवेदन पर कार्रवाई करने वाले क्लर्क सुभाष शर्मा ने जानबूझकर बेवजह की आपत्तियां लगा दी। जिस पर उसने 21 नवंबर को सभी आपत्तियों का जवाब दे दिया। लेकिन इसके बाद भी काम नहीं हुआ। जब वह दोबारा सुभाष शर्मा से मिला तो उसने कहा कि तुम्हारी अल्ट्रासाउंड मशीन का ट्रांसफर पेंडिंग है, इसे पास करवाना है तो पैसे लगेंगे। सेंटर मैनेजर ने बताया कि पहले उसने 5 लाख रुपये की मांग की। काफी मोलभाव के बाद रिश्वत की राशि 3.50 लाख रुपये तय हुई।
सेंटर मैनेजर ने इसकी शिकायत राज्य सतर्कता ब्यूरो से की। शिकायत मिलते ही टीम ने ट्रैप प्लान बनाया। सोमवार शाम को जब शिकायतकर्ता निर्धारित 3.25 लाख रुपये नकद लेकर सीएमओ ऑफिस पहुंचा और सुभाष शर्मा को सौंप दिए। सुभाष ने रुपये अपने बैग में रख लिए, तभी टीम ने दबिश देकर उसे पकड़ लिया।




