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फरीदाबाद (अजय वर्मा), 15 दिसंबर। फरीदाबाद के प्रतापगढ़ क्षेत्र में नगर निगम फरीदाबाद (एमसीएफ) द्वारा स्थापित डंपिंग यार्ड और कचरा प्रोसेसिंग यूनिट के विरोध में रविवार को स्थानीय निवासियों का आक्रोश सड़कों पर दिखाई दिया। सेक्टर-56 और आसपास की कॉलोनियों के लोगों ने करीब तीन किलोमीटर लंबा कैंडल मार्च निकालकर नगर निगम और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। मार्च में बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शामिल रहे। प्रदर्शनकारी हाथों में पोस्टर-बैनर लेकर “डंपिंग यार्ड हटाओ” और “स्वच्छ वातावरण हमारा अधिकार” जैसे नारे लगाते नजर आए।
स्थानीय निवासियों दीपक पांचाल, महेश कुमार, प्रदीप कौशिक, सुमन गुप्ता, प्रिया मेहता का कहना है कि प्रतापगढ़ स्थित यह डंपिंग यार्ड पिछले दो साल से रिहायशी इलाकों के लिए गंभीर संकट बना हुआ है। यह यार्ड आवासीय इमारतों से महज 200 मीटर की दूरी पर स्थित है, जिसके कारण बदबू, गंदगी और प्रदूषण से लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। सेक्टर-56, गोछी, दिलीप कॉलोनी, शिवम एन्क्लेव, रामनगर, राजीव कॉलोनी, गांव समसपुर और गांव प्रतापगढ़ सहित कई इलाकों के हजारों लोग इससे सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं।
निवासियों ने बताया कि डंपिंग यार्ड के कारण क्षेत्र में मच्छरों और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है, वहीं बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा है। लोगों का आरोप है कि उन्होंने अपनी समस्या को लेकर कई बार स्थानीय पार्षद, विधायक और मंत्री से मुलाकात की, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिले, जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। प्रदर्शनकारियों ने यह भी बताया कि इस मामले को लेकर दो साल से अधिक समय से राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में याचिका विचाराधीन है, लेकिन अब तक कोई अंतिम फैसला नहीं आया है। लोगों का कहना है कि प्रशासन की देरी के कारण उन्हें लगातार प्रदूषण और गंदगी के बीच रहने को मजबूर होना पड़ रहा है। कैंडल मार्च के माध्यम से स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की कि डंपिंग यार्ड और प्रोसेसिंग यूनिट को तुरंत रिहायशी क्षेत्र से हटाया जाए और किसी वैकल्पिक स्थान पर स्थानांतरित किया जाए। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।



