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गुरुग्राम, 19 सितंबर। गुरुग्राम पुलिस ने लोन रिकवरी की आड़ में बदतमीजी, गाली-गलौज व अश्लील वॉयस नोट्स भेजने वाले कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने 7 महिलाओं समेत 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें मुख्य कॉल सेंटर संचालक भी शामिल है। इनके पास से 10 मोबाइल, 26 सिमकार्ड, 1 डायलर मशीन व 1 लेपटॉप भी बरामद किया गया है। इनकी गिरफ्तारी दिल्ली से की गई है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 12 सितंबर को एक महिला ने पुलिस थाना साइबर अपराध पूर्व को एक लिखित शिकायत फोन कॉल पर लोन रिकवरी के लिए बदतमीजी, गाली-गलौज और ऑटो कॉल करने के लिए ऑटो डायलर मशीन के माध्यम से बार-बार अलग अलग नंबर से ऑटो कॉल करके प्रताड़ित करने के सम्बन्ध में दी गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
पुलिस ने इस मामले में 16 सितंबर को दिल्ली के डाबड़ी इलाके में स्थित एक कॉल सेन्टर पर छापा मारकर 8 आरोपियों को पकड़ा। जिनकी पहचान गजाला परवीन (उम्र-20 वर्ष, शिक्षा-12वीं) निवासी मकान नम्बर-159 बिंदापुर जे.जे. कॉलोनी उत्तम नगर (पश्चिम दिल्ली), ईशा वर्मा (उम्र-24 वर्ष, शिक्षा-बी.ए.) निवासी नांगली विहार, नजफगढ़ (नई दिल्ली), कहकशा बानो (उम्र-26 वर्ष, शिक्षा बी.ए.) निवासी गेट नम्बर-1 डाबरी गांव दक्षिण-पश्चिम (दिल्ली), मौरिस सिन्हा (उम्र-26 वर्ष, शिक्षा-बी.ए.) निवासी नांगली सकरावती एमसीडी स्कूल नांगली विहार डीसी नांगली सकरावती दक्षिण-पश्चिम (दिल्ली), मुकेश चौहान (उम्र-35 वर्ष, शिक्षा-12वी ) निवासी सूरज विहार द्वारका सेक्टर-15 पोस्ट ऑफिस एनएसआईटी द्वारका दक्षिण-पश्चिम (दिल्ली), रीना बिष्ट (उम्र-28 वर्ष, शिक्षा-12वीं) निवासी महावीर एन्क्लेव पालम गांव दक्षिण-पश्चिम (दिल्ली), रोशनी (उम्र-27 वर्ष, शिक्षा-बी.ए.) निवासी रघु नगर डाबरी (दिल्ली) और रोज़ी (उम्र-23 वर्ष, शिक्षा-12वी) निवासी सागरपुर पोस्ट ऑफिस नांगल जिला दक्षिण-पश्चिम (दिल्ली) के रुप में हुई।
पुलिस पूछताछ में पता चलता कि इस कॉल सेंटर का संचलान मुकेश चौहान है। मुकेश चौहान इस कॉल सेंटर को पिछले करीब 2 साल से संचालित कर रहा है। मुकेश चौहान इस कॉल सेंटर के व कॉल सेंटर में काम करने वाले लोगों के माध्यम से बैंक से लोन लेने वाले व्यक्तियों को कॉल करके बैंक लोन रिकवरी करता है। मुकेश चौहान के बताए अनुसार कॉल सेंटर में काम करने वाले लोगों को फोन के माध्यम से सम्पर्क करते है और जिन लोगों ने कभी लोन लिया था या लोन लेने वाले व्यक्तियों के रिश्तेदारों को बार-बार फोन करते हैं और गंदी-गंदी गालियां देते है तथा अश्लील वॉयस नोट्स भेजते हैं । जो लोग इनकी बातें नहीं मानते है तो उनको ऑटो डायलर मशीन (विभिन्न सिम कार्ड क्षमता वाला यंत्र) के माध्यम से अलग-अलग फोन नंबरों से ऑटो-कॉल करके मानसिक रूप से प्रताड़ित करके आमजन के जीवन को प्रभावित करने का काम करते हैं। मुकेश प्रत्येक लोन रिकवरी पर बैंक से 17% कमीशन प्राप्त करता है और कॉल सेंटर में काम करने वाली महिलाओं को प्राप्त होने वाली लोन रिकवरी के रुपये में से 3% कमीशन देता है तथा साथ 15 हजार रुपये प्रतिमाह सैलरी देता है। इस मामले में भी आरोपियों ने शिकायतकर्ता व उसके परिवार को बार-बार फोन करके परेशान किया व शिकायकर्ता व उसके परिवार की महिलाओं को अभद्र/गंदे-गंदे वॉयस नोट भेजकर परेशान किया, जबकि शिकायकर्ता के परिवार ने कोई लोन नहीं ले रखा था।




