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गुरुग्राम, 31 अगस्त। गुरुग्राम में आज ऑरिस बिल्डर चोर है… चोर है के गगनभेदी नारे गूंज उठे। सोसाइटी का संपर्क मार्ग ब्लॉक कर दिए जाने से परेशान हजारों सोसाइटी निवासी सड़कों पर उतरे और ऑरिस बिल्डर के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रशासन से संपर्क मार्ग से अवरोधक हटाने की मांग की।
आपको बता दें कि सेक्टर 85 स्थित ऑरिस सोसाइटी की बिक्री के समय बिल्डर द्वारा घर खरीददारों को मुख्य सड़क से मिलाने वाले 24-मीटर संपर्क मार्ग को दिखाया जाता था और दावा किया जाता था कि इस संपर्क मार्ग के जरिए वे मुख्य सड़क पर पहुंच सकते हैं। बिल्डर ने सोसाइटी के सभी घर बेचने के बाद अचानक इस संपर्क मार्ग को बंद कर दिया। जिससे सोसाइटी में रहने वाले 7 हजार परिवारों के लिए मुख्य सड़क तक पहुंचना मुश्किल हो गया और स्कूली छात्र-छात्राओं को भी स्कूल आने जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सोसाइटी के निवासियों का आरोप है कि बिल्डर और भूमि-मालिकों के बीच कोई अंदरूनी समझौता था, जिसके बारे में उन्हें जानबूझकर अंधेरे में रखा गया था। सोसाइटी के निवासियों ने स्थानीय विधायक और प्रशासन से लेकर मुख्यमंत्री शिकायत निवारण प्रकोष्ठ तक अपनी शिकायत दर्ज करवाई है, परंतु उनकी समस्या का अभी तक कोई हल नहीं निकला है।
प्रशासन को लिखे पत्र में सोसाइटी निवासियों ने कहा है कि ऑरिस इंफ्रास्ट्रक्चर बिल्डर के धोखे की वजह से उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने पत्र में आरोप लगाया कि फ्लैट्स बेचते समय ऑरिस इंफ्रास्ट्रक्चर ने हमें पूर्ण रूप से कार्यशील 24-मीटर संपर्क मार्ग दिखाया और यह आश्वासन दिया कि यह हमारी मुख्य पहुंच सड़क होगी। लेकिन सभी यूनिट्स बेचने के बाद अचानक इस सड़क को अवरुद्ध कर दिया गया। हमें बाद में पता चला कि बिल्डर और भूमि-मालिकों के बीच कोई आंतरिक समझौता था, जिसके बारे में खरीददारों को जानबूझकर अंधेरे में रखा गया था।
संपर्क मार्ग अवरुद्ध होने की वजह से अब 7000 निवासी और 800 से अधिक स्कूली छात्र-छात्राएं मजबूरी में संकीर्ण व असुरक्षित गांव के रास्ते से आना जाना कर रहे हैं। अब उनको अपने गंतव्य तक पहुंचने में 20 से 30 मिनट समय और लग रहा है। जिससे छात्रों, महिलाओं, बुजुर्गों और कार्यालय आने-जाने वालों को भारी परेशानी हो रही है। सभी निवासी विशेषकर वरिष्ठ नागरिक, स्कूली बच्चे और कार्यालय जाने वाले प्रतिदिन कई तरह की कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। आपातकालीन सेवाएं (एम्बुलेंस, दमकल, सार्वजनिक परिवहन) बाधित हो रही हैं।
उन्होंने पत्र में आगे कहा है कि हम पहले ही नगर निगम आयुक्त (मानेसर), एस.टी.पी. गुरुग्राम एवं स्थानीय विधायक से कई बार संपर्क कर चुके हैं, परंतु अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसके अलावा हमने मुख्यमंत्री शिकायत निवारण प्रकोष्ठ हरियाणा में भी अपनी समस्या दर्ज कराई है (डी.सी. कार्यालय के माध्यम से), लेकिन अब तक कोई उत्तर प्राप्त नहीं हुआ है।
उन्होंने जिला प्रशासन से अनुरोध है कि इस अवरोध को तुरंत हटाने और 24-मीटर संपर्क मार्ग को फिर से बहाल करने के लिए संबंधित विभागों को तुरंत आवश्यक निर्देश दिए जाएं। ताकि हजारों नागरिकों को राहत मिले और उनके यहां यातायात सुचारू हो सके और समय पर आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध हो पाएं।