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गुरुग्राम, 6 नवंबर। गुरुग्राम की प्रतिष्ठित संस्था सीपीएसएम कॉलेज ऑफ एजुकेशन में 3 से 5 नवम्बर तक “22वाँ तीन दिवसीय अभिविन्यास कार्यक्रम” गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के प्रथम दिन का शुभारंभ विधिवत हवन एवं पूजन के साथ हुआ, जिसमें नवप्रवेशित एम.एड. एवं बी.एड.के विद्यार्थियों ने श्रद्धा एवं उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
इस अवसर पर डी.पी.जी. ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स के चेयरमैन राजेन्द्र गहलोत, वाइस चेयरमैन दीपक गहलोत, महासचिव नरेन्द्र गहलौत, सी.पी.एस.एम. कॉलेज ऑफ एजुकेशन की प्राचार्या डॉ. संगीता यादव, डी.पी.जी. डिग्री कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एस.एस. बोकन, रजिस्ट्रार अशोक गोगिया, डॉ प्रहलाद डायरेक्टर एकेडमिक्स डीपीजी ग्रुप ऑफ़ इंस्टिट्यूशन, डॉ प्रिया शुक्ला डायरेक्टर डीपीजी लॉ कॉलेज, डॉ माधवी भाटिया डीन डीपीजी कॉलेज ऑफ़ फार्मेसी तथा समस्त फैकल्टी सदस्य उपस्थित रहे।
हवन के पश्चात सरस्वती वंदना एवं दीप प्रज्वलन द्वारा कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया।
कॉलेज की प्राचार्या डॉ. संगीता यादव ने अपने प्रेरक उद्बोधन में विद्यार्थियों को उत्कृष्ट शिक्षा, अनुशासन एवं सर्वांगीण विकास के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि समय-प्रबंधन, आत्मनिष्ठा और लक्ष्य-संवेदनशीलताणसफलता की कुंजी हैं।
वाइस चेयरमैन दीपक गहलोत ने वर्ष 2004 से 2025 तक की अपनी प्रेरणादायी यात्रा साझा करते हुए विद्यार्थियों को आत्मविश्वास, आत्मअनुशासन एवं आत्मप्रतिस्पर्धा के पथ पर अग्रसर रहने हेतु प्रेरित किया।
वहीं चेयरमैन राजेन्द्र गहलोत ने अनुशासन को जीवन की सफलता का आधार बताते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना दी।
रजिस्ट्रार अशोक गोगिया ने विद्यार्थियों को पाठ्यक्रमीय अध्ययन के साथ-साथ सहगामी एवं सह-पाठ्यक्रमिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी हेतु प्रेरित किया, जिससे वे भविष्य में दक्ष, संवेदनशील एवं प्रेरक शिक्षक बन सकें। इसके उपरांत विद्यार्थियों को कॉलेज परिसर का भ्रमण कराया गया, जहाँ उन्होंने विभिन्न विभागों, सुविधाओं एवं शैक्षणिक गतिविधियों से परिचय प्राप्त किया।
कार्यक्रम के दूसरे दिन विद्यार्थियों को ओम शांति रिट्रीट सेंटर (ब्रह्माकुमारी मेडिटेशन सेंटर), बिलासपुर का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने ध्यान, आत्मचिंतन एवं आध्यात्मिक अनुशासन के महत्व को निकटता से अनुभव किया।
तकनीकी सत्रों में आत्मविकास, मानसिक शांति एवं सकारात्मक चिंतन के विविध आयामों पर चर्चा की गई।
तीसरे दिन, 5 नवम्बर को, “एंपावरिंग माइंस एलिमिनेटिंग रैगिंग बिल्डिंग ए पॉजिटिव कैंपस कल्चर” विषय पर मोटिवेशनल टॉक आयोजित की गई। इस अवसर पर डॉ. प्रीति गोयल (प्राचार्या, यदुवंशी शिक्षा निकेतन स्कूल, गुरुग्राम) ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मन की स्थिरता, सकारात्मक सोच एवं आत्मनियंत्रण श्रेष्ठ चरित्र निर्माण के लिए अनिवार्य हैं, जो एक स्वस्थ एवं सौहार्दपूर्ण शैक्षणिक वातावरण के निर्माण में सहायक होते हैं।
इसके पश्चात नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए परिचय सत्र एवं “आइस-ब्रेकिंग” गतिविधियाँ संपन्न हुईं, जिनसे विद्यार्थियों में आत्मीयता, संवाद और सहभागिता की भावना विकसित हुई।
एम.एड. विभागाध्यक्ष डॉ. संतोष यादव ने पावरप्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से कॉलेज की संरचना, नीतियों, विभागीय गतिविधियों एवं संस्थान के उद्देश्यों की विस्तृत जानकारी दी। सभी विभागाध्यक्षों ने भी अपने-अपने विषयों की शैक्षणिक रूपरेखा विद्यार्थियों के समक्ष प्रस्तुत की।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें दीपिका अरोड़ा मदान ने सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग एवं सहभागिता से यह तीन दिवसीय अभिविन्यास कार्यक्रम अत्यंत सफल एवं सार्थक रूप से संपन्न हो सका।




