चंडीगढ़: अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे भारतीयों को डिपोर्ट करने की प्रक्रिया लगातार जारी है। अब तक तीन जहाजों के माध्यम से बड़ी संख्या में भारतीयों को वापस भेजा गया है। हाल ही में अमेरिका ने हरियाणा के 112 नागरिकों को डिपोर्ट किया है। इस घटनाक्रम के बाद हरियाणा सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है और अवैध रूप से विदेश भेजने वाले एजेंटों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी में है।
हरियाणा की गृह सचिव सुमिता मिश्रा के अनुसार, डिपोर्ट किए गए लोगों में ज्यादातर अंबाला, कुरुक्षेत्र और करनाल जिलों से हैं। उन्होंने बताया कि सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को इस मामले में सख्त निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे इस तरह के मामलों की शिकायत दर्ज कराएं ताकि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जा सके। राज्य सरकार अवैध प्रवासन में संलिप्त एजेंटों के खिलाफ कड़े कदम उठाने की तैयारी में है और विधानसभा सत्र में एक सख्त कानून लाने पर विचार कर रही है।
गृह सचिव सुमिता मिश्रा ने जानकारी दी कि अब तक कुल 18 एजेंटों पर मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें 2 मामले अंबाला, 1 हिसार, 1 झज्जर, 4 करनाल, 3 कुरुक्षेत्र और 6 पानीपत से जुड़े हैं। इनमें से एक एजेंट को गिरफ्तार भी किया गया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि फर्जी एजेंटों और बोगस टूर एंड ट्रैवल व्यवसायों को जल्द ही बंद कर दिया जाएगा।
हरियाणा सरकार अब अवैध रूप से विदेश भेजने वाले एजेंटों के खिलाफ कड़े कानून बनाने की योजना बना रही है। बजट सत्र में इस संबंध में एक नया कानून लाने की तैयारी की जा रही है, जिससे एजेंटों की गतिविधियों पर सख्त नियंत्रण रखा जा सके। सरकार टूर एंड ट्रैवल एजेंट्स को कड़ी निगरानी और रेगुलेशन के तहत लाने पर जोर दे रही है।
गृह सचिव सुमिता मिश्रा ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी फर्जी एजेंट के झांसे में न आएं और विदेश जाने के लिए कानूनी रास्ता अपनाएं। उन्होंने कहा कि अवैध रूप से विदेश भेजने वाले लोग बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी करते हैं और लोगों को लाखों कमाने का सपना दिखाकर फंसा लेते हैं। डिपोर्ट हुए कई नागरिकों को भेजने वाले एजेंट अब फरार हैं और उनके ऑफिस तक बंद हो चुके हैं। ऐसे में नागरिकों को सतर्क रहने की जरूरत है।




