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Reporter: Pardeep Narula
Author: Pardeep Narula
गुरुग्राम, 9 मार्च 2026।
अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह ने कहा कि संगठन देश के दूरदराज जंगलों और जनजातीय इलाकों में स्थित 64,000 से अधिक गांवों तक अपनी पहुंच बना चुका है और वनवासी समुदायों के समग्र विकास के लिए लगातार काम कर रहा है।

सोमवार शाम गुरुग्राम में आयोजित एक बैठक के दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि भारत में वनवासी समुदाय करीब 1,88,000 गांवों में फैला हुआ है। ऐसे में इन तक पहुंच बनाना एक बड़ी जिम्मेदारी है। संगठन का लक्ष्य 12 करोड़ से अधिक वनवासी लोगों तक पहुंचने का है, जो देश में जनजातीय कल्याण के लिए चल रहे सबसे बड़े प्रयासों में से एक है। सत्येंद्र सिंह ने कहा कि संगठन के कार्यकर्ता लगातार दूरस्थ जंगलों और जनजातीय क्षेत्रों में जाकर समुदायों से संपर्क कर रहे हैं, ताकि उनके सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को मजबूत किया जा सके।

22 हजार से ज्यादा विकास परियोजनाएं
उन्होंने बताया कि वनवासी कल्याण आश्रम वर्तमान में देशभर के 16,413 स्थानों पर 22,000 से अधिक परियोजनाएं चला रहा है, जो भारत के 90 प्रतिशत से अधिक जनजातीय जिलों को कवर करती हैं। इन परियोजनाओं के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, सांस्कृतिक संरक्षण और ग्राम विकास जैसे क्षेत्रों में काम किया जा रहा है। संगठन जनजातीय विकास के 14 प्रमुख आयामों पर कार्य कर रहा है, जिनमें शिक्षा प्रसार कार्यक्रम, जनजातीय विद्यार्थियों के छात्रावास, दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं और गांव स्तर पर आत्मनिर्भरता को मजबूत करने की पहल शामिल है। सिंह ने कहा कि संगठन का उद्देश्य केवल विकास कार्य करना नहीं बल्कि जनजातीय संस्कृति और परंपराओं की रक्षा करना भी है।
24 मई को दिल्ली में जनजातीय सांस्कृतिक संगम
सत्येंद्र सिंह ने बताया कि 24 मई को नई दिल्ली में ‘जनजातीय सांस्कृतिक संगम’ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश के अलग-अलग हिस्सों से लगभग दो लाख वनवासी शामिल होंगे। यह कार्यक्रम जनजातीय सुरक्षा मंच द्वारा आयोजित किया जा रहा है।इस आयोजन में जनजातीय परंपराओं, सांस्कृतिक विरासत और समुदाय से जुड़े मुद्दों को सामने रखा जाएगा। साथ ही विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों को आपसी संवाद का मंच भी मिलेगा। बैठक में संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद रहे, जिनमें केंद्रीय मार्गदर्शक सोमैया जुलु, हरियाणा अध्यक्ष महेंद्र नरेश, महासचिव सुरेंद्र शर्मा और विभाग संयोजक जगदीश कुकरेजा सहित गुरुग्राम समिति के सदस्य शामिल थे।




