गुरुग्राम, 10 फरवरी 2026:
पुलिस उपायुक्त यातायात डॉ. राजेश मोहन, आईपीएस के कुशल निर्देशन में गुरुग्राम यातायात पुलिस लगातार ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और जनसेवा की मिसाल पेश कर रही है। इसी कड़ी में आज एक सराहनीय कार्य सामने आया, जिसने आमजन का पुलिस पर विश्वास और मजबूत किया है।
दिनांक 10 फरवरी 2026 को दौलताबाद क्षेत्र में यातायात ड्यूटी के दौरान ZO दौलताबाद में तैनात उप-निरीक्षक संतोष कुमार को सड़क किनारे एक पर्स पड़ा हुआ मिला। उप-निरीक्षक ने बिना किसी देरी के पर्स को सुरक्षित अपने कब्जे में लिया और उसके असल मालिक तक पहुंचाने के उद्देश्य से उसकी जांच की। जांच के दौरान पर्स में ₹2000/- नगद राशि, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस सहित अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज पाए गए।

ड्राइविंग लाइसेंस में दर्ज जानकारी के आधार पर संबंधित मोबाइल नंबर प्राप्त किया गया, जिसके बाद उप-निरीक्षक संतोष कुमार ने पर्स के मालिक से संपर्क स्थापित किया। बातचीत के दौरान पर्स और उसमें मौजूद सामान की पहचान की पुष्टि की गई। आवश्यक सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने के उपरांत उप-निरीक्षक द्वारा पर्स को उसके वास्तविक मालिक को सुरक्षित रूप से सौंप दिया गया।
अपना खोया हुआ पर्स सुरक्षित वापस पाकर पर्स के मालिक ने राहत की सांस ली और गुरुग्राम यातायात पुलिस का दिल से आभार व्यक्त किया। उन्होंने पुलिसकर्मी की ईमानदारी, जिम्मेदारी और सेवा भावना की खुले शब्दों में प्रशंसा की।
यह घटना न केवल पुलिस विभाग की सकारात्मक छवि को दर्शाती है, बल्कि समाज में नैतिक मूल्यों और आपसी विश्वास को भी मजबूत करती है। गुरुग्राम यातायात पुलिस का यह सराहनीय कार्य अन्य कर्मचारियों और आमजन के लिए प्रेरणास्रोत है, जो यह साबित करता है कि ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता आज भी जीवित हैं।



