प्राकृतिक नालों पर कब्जा करने वाले बिल्डरों के खिलाफ हो कार्रवाई: राव इंद्रजीत सिंह
जीएमडीए की बैठक में राव ने उठाया मामला
सरहोल बॉर्डर पर हरियाणा पर्यटन विभाग की जमीन पर बनेगी आर्टिफिशियल लेक बैठक में बनी सहमति
गुरुग्राम का सिविल अस्पताल होगा 400 बेड का, लगी मुहर
Bilkul Sateek News
गुरुग्राम, 10 नवंबर। केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने सोमवार को जीएमडीए की बैठक में मानसून व बरसात के दौरान शहर में होने वाले जलभराव पर विस्तृत रूप से चर्चा की। राव ने एक बार फिर दोहराया कि शहर के प्राकृतिक बहाव वाले प्राकृतिक नालों पर अवैध कब्जे बिल्डरों व अन्य की ओर से किए गए हैं । राव ने कहा कि कुछ बिल्डरों को तो शहर के प्राकृतिक पानी के बहाव वाले नालों पर पिछली सरकारों द्वारा लाइसेंस तक दे दिए गए जिनकी जांच होनी चाहिए।
प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राव की बात पर सहमति जताते हुए कहा कि बिल्डरों द्वारा प्राकृतिक नालों पर कब्जे की केंद्रीय मंत्री की मांग पर जांच की जाए। उन्होंने इसके लिए कमेटी के गठन का भी निर्देश दिया और जल्दी इस बारे में रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए। मुख्यमंत्री ने सरहोल बॉर्डर पर पर्यटन विभाग की करीब 12 एकड़ से अधिक जमीन पर आर्टिफिशियल लेक बनाने की भी सहमति बैठक में प्रदान की। उन्होंने राव की इस बात पर सहमति जताई कि इस आर्टिफिशियल लेक के जरिए मानसून के दौरान बरसाती पानी को संचित कर शहर के वाटर लेवल को बढ़ाने में खासी मदद मिलेगी।
राव ने जीएमडीए की ओर से निर्माणाधीन स्ट्रॉम वॉटर ड्रेनेज का काम मानसून से पूर्व किया जाना सुनिश्चित किए जाने पर जोर देते हुए कहा कि शहर का प्राकृतिक बहाव घाटा सेक्टर 56 से ओल्ड गुरुग्राम की ओर है। इसलिए जो भी योजनाएं बनाई जाए वे प्राकृतिक बहाव को देखकर ही बनाई जाए।
राव ने शहर के बरसाती पानी को ड्रेन के जरिए मेवात तक ले जाने की योजना पर कहा कि 2 हजार करोड़ ₹ खर्च करने से पूर्व इस बात को सुनिश्चित कर दिया जाए कि पानी का बहाव बिना रुकावट के मेवात की ओर हो। अनेक बार सरकारी एजेंसी द्वारा योजना का तो निर्माण कर दिया जाता है लेकिन जो उद्देश्य होता है वह पूरा नहीं हो पाता।
राव ने बैठक में नजफगढ़ ड्रेन पर सैकड़ों एकड़ में किसानों की भूमि पर भरे पानी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि करीब आधा दर्जन से अधिक गांवों के किसानों की जमीन पर पिछले वर्षों से पानी भरा हुआ है और वे खेती नहीं कर पा रहे। ऐसे में उनके नुकसान की भरपाई मुआवजा देकर की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने इस पर अपनी सहमति जताते हुए सिंचाई विभाग सहित अन्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को मुआवजा के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट बनाकर उन्हें भेजी जाए।
सिविल अस्पताल की बेड क्षमता कम की
बैठक में गुरुग्राम के सिविल अस्पताल के निर्माण को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में अधिकारियों ने कहा कि ओल्ड गुरुग्राम के सिविल अस्पताल 700 बेड के बजाय 300 बेड का किया जाए। अधिकारियों का तर्क था कि ओल्ड गुरुग्राम के अस्पताल के पास यातायात का अत्यधिक दबाव है। राव ने मुख्यमंत्री के समक्ष कहा कि यह सिटी का ऐतिहासिक अस्पताल रहा है और इस अस्पताल से गरीब वर्ग मध्यम परिवार के लोगों को खासी राहत मिलेगी। राव ने कहा कि न्यू गुड़गांव में तो निजी अस्पतालों की भरमार है लेकिन ओल्ड सिटी में करीब चार सौ बेड का अस्पताल ही गरीबों को राहत दिला सकेगा। इस पर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि गुरुग्राम के सिविल अस्पताल को 400 बैड बनाने का फैसला कर टेंडर जल्द से जल्द आमंत्रित किए जाएं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शहर के सेक्टर 67 व अन्य स्थानों पर भी अस्पताल निर्माण की भी योजना तैयार करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
राव ने गुरुग्राम के बस स्टैंड के जल्द से जल्द निर्माण की मांग उठाते हुए कहा कि अंतर्राज्यीय बस स्टैंड का निर्माण जल्द से जल्द शुरू किया जाए और पुराने बस स्टैंड को भी सिटी बस व ई -बसों के लिए नवनिर्मित किया जाए।
बैठक में बंधवाड़ी वेस्ट प्लांट पर विस्तृत रूप से चर्चा की गई। यह मुद्दा केंद्रीय मंत्री ने बैठक में उठाया था जिस पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री सैनी ने निर्देश दिए कि इको ग्रीन कंपनी ने जो वादा शहरवासियों से किया था वो पूरा नहीं किया, ऐसे में कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। केंद्रीय मंत्री ने कंपनी के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज करने की अपील मुख्यमंत्री से की। उन्होंने कहा कि आपराधिक केस दर्ज होने से अन्य काम करने वाली कंपनियों को भी सबक मिलेगा। राव ने कहा कि बंधवाड़ी में कूड़ा निस्तांरण न होने की वजह से लिचिट का बहाव बढ़ने से आस-पास के ग्रामीण स्वास्थ्य कारणों से काफी परेशान हैं। इस पर भी गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए।
राव ने बैठक में साउथरन पेरिफेरल रोड से वाटिका चौक व वाटिका चौक से दिल्ली जयपुर नेशनल हाईवे सीपीआर तक रोड के निर्माण पर कहा कि पिछले तीन वर्षों से शहर के इस मुख्य रोड के बारे में चर्चा चलती है । उन्होंने मुख्यमंत्री सैनी से कहा कि रोड का निर्माण अति आवश्यक है। यह एलिवेटेड बने या इस पर अंडरपास से इसका निर्माण कराया जाए। यह फैसला जल्द सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने इस विषय पर बृहस्पतिवार को चंडीगढ़ में मीटिंग बुलाने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।




